वॉशिंगटन डीसी
भारत के केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, जो रेल, सूचना और प्रसारण, और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय संभालते हैं, ने मंगलवार को अमेरिका के खजाना सचिव स्कॉट बेसेंट द्वारा आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) मंत्री स्तरीय बैठक में भाग लिया।
इस बैठक का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों, विशेष रूप से रेयर अर्थ एलिमेंट्स (दुर्लभ पृथ्वी धातुएँ) की आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा और विविधीकरण के उपायों पर चर्चा करना था। खजाना सचिव बेसेंट ने बैठक के बाद अपनी पोस्ट में लिखा कि सभी देशों ने खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में कमजोरियों को जल्दी से दूर करने के लिए मजबूत साझा इच्छा व्यक्त की और उन्होंने भरोसा जताया कि देश “विवेकपूर्ण जोखिम कम करने (prudent derisking) पर ध्यान देंगे, न कि अलगाव (decoupling) पर।”
अमेरिका के खजाना विभाग के अनुसार, बैठक में कई देशों के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री शामिल हुए। इसमें ऑस्ट्रेलिया के ट्रेज़रर जिम चाल्मर्स, कनाडा के वित्त मंत्री फ्राँसोआ-फिलिप शैम्पेन, यूरोपीय कमीशनर वाल्डिस डॉम्ब्रोव्स्किस, फ्रांस के रॉलैंड लेस्क्योर, जर्मनी के लार्स क्लिंगबाइल, तथा इटली, जापान, मैक्सिको, कोरिया और यूके के वित्त मंत्री भी शामिल थे। इसके अलावा, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर, अमेरिका के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक के अध्यक्ष जॉन जोवानोविक और जेपी मॉर्गन के मैनेजिंग डायरेक्टर जे हॉरीन भी उपस्थित थे।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखलाएँ अत्यधिक केंद्रित और असुरक्षित हो चुकी हैं, और इन पर व्यवधान या दमन का खतरा है। प्रतिभागियों ने आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती, सुरक्षा और विविधीकरण बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की।
खजाना सचिव बेसेंट ने कहा कि वर्तमान में खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में मौजूद कमियों को दूर करना आवश्यक है और सभी देशों के बीच सीखने और तेजी से कार्य करने की तत्परता सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदस्य देश मिलकर सतत और निर्णायक समाधान निकालेंगे।
बैठक में वैश्विक आर्थिक सहयोग के माध्यम से खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में जोखिम कम करने और उनकी स्थिरता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और औद्योगिक जरूरतों के लिए आवश्यक खनिजों की आपूर्ति बाधित न हो।