साल की शुरुआत में ही ट्रंप के आक्रामक फैसले, विरोधियों के साथ अब समर्थक भी असहज

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 14-01-2026
Trump's aggressive decisions at the beginning of the year have made not only his opponents but also his supporters uncomfortable.
Trump's aggressive decisions at the beginning of the year have made not only his opponents but also his supporters uncomfortable.

 

न्यूयॉर्क

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए साल की शुरुआत महज दो हफ्तों में ही ऐसे आक्रामक कदमों से की है, जिन्होंने न केवल विपक्ष बल्कि उनके अपने समर्थकों को भी असहज कर दिया है। घरेलू मोर्चे से लेकर विदेश नीति तक, ट्रंप के फैसलों ने अमेरिकी राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है, खासकर ऐसे समय में जब देश मध्यावधि चुनावों की ओर बढ़ रहा है।

विदेश नीति के मोर्चे पर ट्रंप का रुख पहले से कहीं अधिक आक्रामक नजर आ रहा है। उन्होंने वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने की कोशिश की। शुरुआत में इस कदम को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई बताया गया, लेकिन अब ट्रंप इसे अमेरिका के लिए आर्थिक अवसर, खासकर तेल नियंत्रण से जोड़कर पेश कर रहे हैं। उन्होंने यहां तक दावा किया कि वेनेजुएला को वाशिंगटन से संचालित किया जाएगा और खुद को “वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति” बताते हुए एक मीम भी साझा किया।

इसके अलावा ट्रंप ने ग्रीनलैंड को “किसी भी तरह” अमेरिका के नियंत्रण में लेने की बात कहकर यूरोपीय सहयोगियों को चौंका दिया है। ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है, जो नाटो का सदस्य देश है, ऐसे में यह बयान अमेरिका-यूरोप संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है। क्यूबा और ईरान को दी गई धमकियों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ाई है।

घरेलू मोर्चे पर ट्रंप का टकराव फेडरल रिजर्व से खुलकर सामने आ गया है। वे ब्याज दरें कम करवाने के लिए फेड पर दबाव बना रहे हैं और इसके प्रमुख जेरोम पॉवेल पर सार्वजनिक रूप से हमला कर चुके हैं। ट्रंप ने पॉवेल को “झक्की व्यक्ति” बताते हुए उन्हें हटाने की धमकी दी। हालांकि, केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता पर इस तरह के हमले से वॉल स्ट्रीट और रिपब्लिकन पार्टी के कई नेता भी चिंतित हैं।

आप्रवासन के खिलाफ ट्रंप के सख्त अभियान से देश के कई शहरों में तनाव की स्थिति बन गई है। मिनियापोलिस में एक संघीय एजेंट द्वारा तीन बच्चों की मां 37 वर्षीय रेनी गुड की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने भारी विवाद खड़ा कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि एजेंट ने आत्मरक्षा में गोली चलाई।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के फैसले बड़े जोखिमों से भरे हैं—चाहे वह विदेश में युद्ध का खतरा हो या देश की आर्थिक स्थिरता पर असर। येल विश्वविद्यालय की इतिहासकार जोआन बी. फ्रीमैन के अनुसार, “राष्ट्रपति कार्यालय पर से नियंत्रण हटता दिख रहा है।” ऐसे में सवाल यह है कि क्या मतदाता इस आक्रामक नेतृत्व को स्वीकार करेंगे या आने वाले चुनावों में इसका जवाब देंगे।