Trump can't force election changes by withholding anti-terrorism funds from states: Judge
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को उन राज्यों की कुछ संघीय आतंकवाद-रोधी निधि अवरुद्ध करने से रोक दिया, जो चुनावों के संचालन से जुड़ी उसकी शर्तों को पूरा नहीं करते हैं।
अदालतों ने प्रशासन के पिछले ऐसे प्रयासों को बड़े पैमाने पर खारिज किया है। ये प्रयास व्यापक स्तर पर मतदान में धोखाधड़ी के बारे में किए गए अपुष्ट दावों पर आधारित हैं और नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले किए जा रहे हैं। इन चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस के एक या दोनों सदनों में नियंत्रण हासिल करने और ट्रंप की शक्तियों पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रही है।
वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज आमिर अली ने 24 पृष्ठों के अपने फैसले में कहा कि संघीय एजेंसियों के पास कांग्रेस से ऐसी कोई अनुमति नहीं है, जिसके तहत वे इन अनुदानों पर इस तरह की शर्तें लगा सकें।
गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) और उसके तहत अनुदान का संचालन करने वाली ‘फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी’ (फेमा) ने टिप्पणी के अनुरोध का तत्काल जवाब नहीं दिया।
इन अनुदानों पर लगाई गई शर्तें ट्रंप प्रशासन की उन कार्रवाइयों की नवीनतम कड़ी हैं, जिनके जरिए वह चुनावों के संचालन के तरीके को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। चुनावों का संचालन लंबे समय से राज्यों के अधिकार क्षेत्र में रहा है।
मुकदमा दायर करने वालों में ओहायो का कोलंबस शहर, टेनेसी का नैशविल और डेविडसन काउंटी तथा टेक्सास की एल पासो और हैरिस काउंटी शामिल हैं।