अगरतला
त्रिपुरा में जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) की ग्राम समिति के चुनाव के दौरान कथित गोलीबारी में टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) का एक उम्मीदवार घायल हो गया। घटना में दो अन्य लोग भी जख्मी हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल उम्मीदवार को बाद में अगरतला के जीबीपी अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार दोपहर करीब दो बजे गोमती जिले के महारानी-गमारिया क्षेत्र के वारेंगबाड़ी में आरके पुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई। उस समय मतदान की प्रक्रिया चल रही थी।
वाहन से उतरते समय उम्मीदवार को लगी गोली
घायल उम्मीदवार की पहचान खाचिंद्र रियांग के रूप में हुई है। वह गमारिया ग्राम समिति के वार्ड नंबर-2 से चुनाव लड़ रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, जब वह एक वाहन से नीचे उतरे, तभी अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर गोलीबारी की, जिसमें उन्हें गोली लगी।
घटना में चित्रजॉय रियांग और उदय राम रियांग नाम के दो अन्य लोग भी घायल हुए। तीनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
गोलीबारी की घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया तथा सड़क जाम कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।
भाजपा से जुड़े लोगों पर आरोप, पुलिस जांच में जुटी
टिपरा मोथा पार्टी के नेताओं ने गोलीबारी के पीछे भाजपा से जुड़े लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और गोलीबारी में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
तकरजला के विधायक विश्वजीत कलई ने जीबीपी अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि गोली के दम पर राजनीति करना भविष्य में गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है।
कलई ने कहा, “अगर बंदूक के सहारे राजनीति की जाएगी तो भविष्य में बहुत खतरनाक दिन देखने को मिल सकते हैं। चाहे किसी भी पार्टी का व्यक्ति हो, उसे सजा मिलनी चाहिए। भाजपा हो, टिपरा मोथा हो या कोई दूसरी पार्टी, किसी को भी इस तरह बंदूक लेकर घूमने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।”
टिपरा मोथा के एमडीसी सूरज देबबर्मा ने भी घटना में भाजपा से जुड़े लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर है और पुलिस प्रशासन इसे संभालने में विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में चुनावों के दौरान बार-बार हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं।
भाजपा कार्यकर्ता पर हमले की भी जानकारी
इस बीच, त्रिपुरा के जनजातीय कल्याण मंत्री बिकाश देबबर्मा ने मतदान के बाद एक भाजपा कार्यकर्ता पर कथित हमले की अलग घटना का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, घायल कार्यकर्ता को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे जीबीपी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
एक दशक बाद हुए ग्राम समिति चुनाव
टीटीएएडीसी ग्राम समिति के ये चुनाव करीब एक दशक बाद आयोजित किए गए। कुल 587 ग्राम समितियों में मतदान हुआ और मतपत्रों के जरिए वोट डाले गए।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान के लिए 28 सितंबर की तारीख घोषित की थी। मतगणना 5 अक्टूबर को निर्धारित है। मतदान के दौरान दिन में लगभग 79 प्रतिशत मतदान होने की खबरें सामने आईं।
अधिकांश क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण रहने की सूचना मिली, हालांकि गोमती जिले से हिंसा और झड़पों की कुछ घटनाएं भी सामने आईं। गोलीबारी की घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस जांच जारी है।