उज्जैन की शाही मस्जिद के आसपास की दुकानें हटाई गईं, सुरक्षा कड़ी

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 29-09-2026
Shops around Ujjain's Shahi Masjid removed; security tightened.
Shops around Ujjain's Shahi Masjid removed; security tightened.

 

उज्जैन

मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के आसपास की दुकानों को मंगलवार को पुलिस की निगरानी में हटाया गया। मस्जिद के ढांचे के आसपास निर्माण संबंधी सामग्री भी लाई गई। एक दिन पहले सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के एक हिस्से को हटाने के विरोध में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

मंगलवार सुबह शाही मस्जिद के आसपास स्थिति शांतिपूर्ण रही। वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं और पुलिस बल को सतर्क रखा गया है।

पथराव के बाद पुलिस ने किया था बल प्रयोग

सोमवार को सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए थे। इस दौरान भीड़ और पुलिस के बीच टकराव हुआ तथा पथराव की घटनाएं सामने आईं।

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया।

सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के मद्देनजर उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए शहर में 2,500 से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की गई थी। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी मौके पर मौजूद रहे। शहर में सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए थे।

प्रशासन ने समुदाय के सहयोग से हटाने की कही थी बात

जिला कलेक्टर रोशन कुमार ने बताया था कि क्षत्रिय चौक स्थित शाही मस्जिद का जो हिस्सा सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रहा है, उसे संबंधित समुदाय और धार्मिक समूह के सदस्य स्वेच्छा से हटा रहे हैं।

उन्होंने लोगों से अफवाहों और गलत सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने की अपील की थी। कलेक्टर के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के काम में व्यक्तियों, धार्मिक समूहों और समुदायों का स्वैच्छिक सहयोग सकारात्मक पहल है।

हाईकोर्ट में मस्जिद कमेटी और प्रशासन के बीच समझौता

इस बीच, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शाही मस्जिद से जुड़े विवाद पर दायर याचिका का निपटारा कर दिया है। यह फैसला मस्जिद कमेटी और राज्य प्रशासन के बीच समझौता होने के बाद आया।

मस्जिद कमेटी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कुलदीप पाठक ने बताया कि न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जयकुमार पिल्लई की खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई की।

पाठक ने कहा, “पहले एकल पीठ ने हमारी याचिका खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ हमने अपील दायर की थी, जिस पर आज सुनवाई हुई।”

उन्होंने बताया कि प्रशासन पहले 9.5 फीट जगह खाली कराने की मांग कर रहा था। हालांकि, बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।

तीन फीट हिस्सा हटाने पर बनी सहमति

अधिवक्ता पाठक के मुताबिक, समझौते के तहत मस्जिद कमेटी ढांचे के तीन फीट हिस्से को हटाने के लिए सहमत हो गई है। उन्होंने कहा कि इसे हटाने का काम शुरू भी कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रशासन ने हटाई जा रही दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने पर सहमति जताई है। इसमें अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर), निर्धारित अधिग्रहण मानकों के अनुसार मुआवजा और मस्जिद परिसर के भीतर मीनार को दूसरी जगह स्थानांतरित करना शामिल है।

हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को समझौते की शर्तों और अदालत में दाखिल हलफनामों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।

फिलहाल, शाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। प्रशासन की निगरानी में सड़क चौड़ीकरण से संबंधित कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।