नाना पाटेकर के निधन पर राजपाल यादव, रज़ा मुराद ने जताया शोक

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 08-10-2026
"Truly difficult to believe he is gone": Rajpal Yadav, Raza Murad mourn Nana Patekar's death

 

मुंबई (महाराष्ट्र) 

एक्टर राजपाल यादव ने नाना पाटेकर के अचानक निधन पर दुख जताया, जिनका 8 अक्टूबर की सुबह निधन हो गया। ANI से बात करते हुए राजपाल ने नाना पाटेकर की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा, "नाना भाई जहां भी हों, मैं प्रार्थना करता हूं कि उन्हें शांति और खुशी मिले। मैं उनकी आत्मा के लिए प्रार्थना करता हूं। काश यह खबर सच न होती। मैंने कभी नहीं सोचा था कि वह हमें इतनी जल्दी छोड़कर चले जाएंगे। मुझे हमेशा लगता था कि हम उन्हें 90 या 100 साल की उम्र तक काम करते और हमारा मनोरंजन करते देखेंगे। यह यकीन करना वाकई मुश्किल है कि वह अब हमारे बीच नहीं रहे।"
 
दिग्गज एक्टर रज़ा मुराद ने भी अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। नाना पाटेकर की दरियादिली को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस दिग्गज एक्टर ने समाज के लिए बहुत कुछ किया और चैरिटी के कामों में बड़ा योगदान दिया। रज़ा मुराद ने कहा, "मेरा दिल और दिमाग यह मानने को तैयार ही नहीं है कि नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। वह शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत मजबूत थे और उनमें गजब की इच्छाशक्ति थी। इंडस्ट्री में उनके जैसा कोई दूसरा नहीं हुआ; वह सबसे अलग थे... अगर वह किसी फिल्म के लिए ₹1 करोड़ लेते थे, तो ₹90 लाख चैरिटी में दान कर देते थे। उन्होंने पूरे-पूरे गांव गोद लिए और किसानों की मदद की, फिर भी उन्होंने ऐसी चैरिटी की जिसमें दाएं हाथ को पता नहीं चलता था कि बायां हाथ क्या दे रहा है। उन्होंने कभी इसके लिए पब्लिसिटी नहीं चाही... नाना पाटेकर जैसा दूसरा कोई नहीं होगा।"
 
नाना पाटेकर का निधन गंभीर कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ। उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन करीब 45 मिनट की कोशिश के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने ANI को इस खबर की पुष्टि की। डॉ. सालकर के अनुसार, नाना ने रात करीब 2:30 बजे एक दोस्त को मैसेज करके बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। बाद में वह दोस्त सुबह करीब 4 बजे उनके घर पहुंचा।
 
नाना हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने एक्टर्स में से एक थे। उन्होंने 1978 की फ़िल्म 'गमन' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा और 'परिंदा', 'प्रहार', 'अंगार', 'क्रांतिवीर', 'तिरंगा', 'खामोशी' और 'अब तक छप्पन' जैसी फ़िल्मों में काम किया, जिससे उन्हें एक लेजेंडरी कलाकार का दर्जा मिला। उनकी मराठी ड्रामा फ़िल्म 'नटसम्राट' भी उनके करियर के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई। हाल के सालों में, नाना 'हाउसफुल 5' में नज़र आए और विशाल भारद्वाज की फ़िल्म 'ओ रोमियो' में भी दिखे, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में हैं।