वाराणसी में ‘नमो बुक फेस्ट’, PM मोदी के 25 साल के सफर की झलक

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 08-10-2026
Namo Book Fest in Varanasi marks PM Modi’s 25 years in service, showcases journey from CM to PM
Namo Book Fest in Varanasi marks PM Modi’s 25 years in service, showcases journey from CM to PM

 

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) 
 
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में 'नमो बुक फेस्टिवल काशी एडिशन' का दौरा किया। यहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी नीतियों और सार्वजनिक जीवन पर आधारित 500 से ज़्यादा किताबें प्रदर्शित की जा रही हैं। 7 और 8 अक्टूबर को आयोजित दो दिवसीय 'नमो बुक फेस्टिवल' प्रधानमंत्री मोदी के बिना किसी रुकावट के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने का जश्न है। ANI से बात करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर को सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे किए। उन्होंने पहले 12 साल से ज़्यादा समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री और उसके बाद प्रधानमंत्री के तौर पर सेवा की।
 
सिंह ने कहा, "जैसा कि हम सभी जानते हैं, आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी ने 7 अक्टूबर को सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे किए। पहले लगातार साढ़े 12 साल तक मुख्यमंत्री के तौर पर और फिर लगभग उतनी ही अवधि तक प्रधानमंत्री के तौर पर।" उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के प्रमुख के तौर पर इतना लंबा और बिना रुकावट वाला कार्यकाल एक दुर्लभ उपलब्धि है।
 
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि दुनिया में कोई और उदाहरण है जहाँ कोई व्यक्ति इतने लंबे समय तक लगातार, बिना किसी रुकावट के सरकार का प्रमुख रहा हो। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है, अपने आप में एक उपलब्धि है, खासकर लोकतांत्रिक व्यवस्था में।"
सिंह ने कहा कि यह फेस्टिवल वाराणसी में आयोजित किया गया था, जो प्रधानमंत्री मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है, ताकि उनके जीवन और काम के विभिन्न पहलुओं पर लिखी गई किताबों की विस्तृत श्रृंखला को प्रदर्शित किया जा सके। उन्होंने कहा, "दुनिया भर में, खासकर पिछले 12-13 वर्षों में, मोदी जी के बहुआयामी व्यक्तित्व में रुचि रही है। अलग-अलग लेखकों ने अलग-अलग पहलुओं पर किताबें लिखी हैं।"
 
उन्होंने कहा कि इन किताबों में प्रधानमंत्री मोदी के जीवन के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है, जिनमें उनका राजनीतिक सफर, गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यकाल, शासन में सुधार, बच्चों और छात्रों से संबंधित चिंताएँ, विदेश नीति और आतंकवाद व रक्षा से निपटने के लिए भारत का दृष्टिकोण शामिल है। सिंह ने कहा, "दो दिन का यह 'नमो बुक फेस्टिवल' उन सैकड़ों-हजारों किताबों के बारे में है जो मोदी जी और उनके जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर लिखी गई हैं — संघ में उनके जीवन से लेकर उनके राजनीतिक जीवन, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल, शासन में लाए गए सुधार, बच्चों और छात्रों के प्रति उनकी चिंता, विदेश नीति में कैसे एक नया आयाम या बड़ा बदलाव आया, और आतंकवाद से निपटने और हमारी रक्षा नीति के नज़रिए में कैसे एक बड़ा बदलाव लाया गया।"
 
सिंह ने सरकार के फैसलों और 2047 तक 'विकसित भारत' के विज़न का भी ज़िक्र किया, जो इस फेस्टिवल में दिखाई गई किताबों के विषयों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे करने पर पीएम मोदी को एक सम्मान है। सिंह ने कहा, "मोदी जी ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और कमिटमेंट की वजह से 25 साल पूरे किए। हो सकता है कि इसमें हमारी कोई भूमिका न हो, लेकिन हम खुशकिस्मत हैं कि हम उस पल के गवाह बन रहे हैं जब देश के प्रमुख और खुद को 'प्रधान सेवक' कहने वाली इतनी महान शख्सियत ने 25 साल पूरे किए।"
 
उन्होंने कहा कि यह दो दिन का फेस्टिवल इस मौके को मनाने के लिए आयोजकों की तरफ से एक छोटी सी पेशकश है। युवाओं की भूमिका पर सिंह ने कहा कि भारत की युवा आबादी प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी है और प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल ने भविष्य के मौकों के लिए उम्मीदें जगाने में योगदान दिया है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि भारत के युवा बहुत प्रतिभाशाली और बहुत महत्वाकांक्षी हैं। मोदी जी के आने के बाद, हम उम्मीदों की एक नई अभिव्यक्ति, एक नई प्रेरणा देख रहे हैं, क्योंकि यह भावना है कि मोदी जी के शासन में भविष्य के लिए मौके मिल सकते हैं।"