आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच यदि व्यापार समझौता संपन्न होता है, तो इससे दोनों देशों के संबंध ‘‘बेहतर’’ होंगे।
उन्होंने कहा कि वार्ता में तेजी से प्रगति की उम्मीद के सामने जमीनी हकीकत कहीं अधिक जटिल रही है।
जयशंकर ने सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के उच्चस्तरीय सप्ताह के समापन पर ‘एशिया सोसाइटी’ द्वारा आयोजित विशेष संवाद में भारतीय-अमेरिकी एवं प्रवासी समुदाय के प्रमुख सदस्यों तथा नीति विशेषज्ञों को संबोधित किया।
एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के ‘डिस्टिंग्विश्ड फेलो’ और पूर्व अमेरिकी राजनयिक डेनियल रसेल की अध्यक्षता में हुए संवाद के दौरान जयशंकर से भारत-अमेरिका संबंधों, खासकर पिछले एक साल में व्यापार एवं शुल्क से जुड़े घटनाक्रम तथा द्विपक्षीय संबंधों को ‘‘बेहतर दिशा’’ में ले जाने के लिए क्या किए जाने की जरूरत है, इस बारे में पूछा गया।
जयशंकर ने कहा, ‘‘अगर मैं संबंधों की बात करूं तो दुनिया के एक बड़े हिस्से के लिए अमेरिका के साथ संबंध निभाना काफी कठिन रहा है। मेरा मतलब है कि यह कोई तसल्ली देने वाली बात तो नहीं है लेकिन यही हकीकत है। ’’
उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों के सामने मौजूद मुद्दों में से एक व्यापार वार्ता है।