आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल में लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ गया है, निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है और कई स्थानों पर संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं।
पलक्कड़ जिले में भारी बारिश के कारण दो मकानों की चारदीवारी ढह गई, जबकि कोझिकोड के उत्तरी और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश दर्ज की गई। इडुक्की जिले में कैचमेंट क्षेत्रों में भारी वर्षा के चलते पंबला बांध का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन ने एहतियातन उसके शटर खोल दिए। इसके बाद पेरियार नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और अधिकारियों को सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड सहित 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक 24 घंटे में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक बारिश को भारी वर्षा की श्रेणी में रखा जाता है।
इस बीच, भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड के तटीय इलाकों के लिए रविवार रात 11:30 बजे तक ऊंची लहरों और समुद्री कटाव की चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार समुद्र में 2.9 से 3.5 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
प्रशासन ने मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को छोटे नाव समुद्र में न उतारने, समुद्र तटों पर जाने से बचने और चेतावनी हटने तक सभी मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित बंदरगाहों में बांधकर रखने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश को देखते हुए राज्य प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।