Chandrima Bhattacharya resigns as Bengal chief of Mamata Banerjee faction of Trinamool Congress
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट को एक और झटका उस समय लगा, जब पार्टी की बंगाल प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
पार्टी की विधानसभा चुनाव में हार के बाद भट्टाचार्य को संगठन की अहम जिम्मेदारी सौंपे जाने के बमुश्किल एक महीने बाद ही उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया।
तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष को लिखे एक पत्र में भट्टाचार्य ने पार्टी में अपने सभी अन्य पदों से भी इस्तीफा दे दिया, जिससे यह अटकलें शुरू हो गईं कि क्या उन्होंने असल में ममता बनर्जी खेमे से अपने सभी संबंध तोड़ लिये हैं।
ममता बनर्जी की पिछली सरकार में मंत्री रहीं भट्टाचार्य ने वित्त और स्वास्थ्य जैसे अहम विभागों में मंत्री के तौर पर काम किया था और वह पार्टी की महिला शाखा की प्रमुख नेता भी थीं।
भट्टाचार्य ने अलग-अलग बैंकों में पार्टी के खातों के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और निर्वाचन आयोग के सामने पेश होने के लिए ममता बनर्जी की अधिकृत प्रतिनिधि के तौर पर भी अपना नाम वापस ले लिया।
ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पांच जून को हुई तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में भट्टाचार्य को वरिष्ठ नेता सुब्रत बख्शी की जगह पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।
भट्टाचार्य को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है और वह लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस प्रमुख की सहयोगी रहीं।
बनर्जी को संबोधित अपने इस्तीफे में भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘आखिर में, मैं यह कहना चाहूंगी कि मेरे मन में आपके लिए बहुत सम्मान है और मैं हमेशा आपका सम्मान करती रहूंगी।’’