श्रीनगर के नक्शबंद साहिब में स्थित कब्रिस्तान के आसपास कड़ी सुरक्षा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-07-2026
Tight security around the graveyard at Naqshband Sahib in Srinagar
Tight security around the graveyard at Naqshband Sahib in Srinagar

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 जम्मू कश्मीर में उपराज्यपाल प्रशासन ने सोमवार को श्रीनगर के विभिन्न इलाकों में पाबंदियां लगा दीं, ताकि लोगों को शहर के नक्शबंद साहिब इलाके में स्थित ‘मजार-ए-शुहादा’ (कब्रिस्तान) में एकत्र होने से रोका जा सके।

यह कब्रिस्तान 13 जुलाई 1931 में महाराजा हरि सिंह की सेना की गोलीबारी में मारे गए प्रदर्शनकारियों की स्मृति में बनाया गया और स्थानीय लोग इस दिन को श्रद्धांजलि दिवस के रूप में मनाते हैं।
 
अधिकारियों ने बताया कि रविवार से ही इस कब्रिस्तान के एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया था। एहतियात के तौर पर पुराने शहर और सिविल लाइंस के कुछ हिस्सों में भी अवरोधक लगाए गए हैं।
 
उन्होंने बताया कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है।
 
नेताओं को कब्रिस्तान तक पहुंचने से रोकने के लिए नौहट्टा इलाके में कंटीले तार, प्लास्टिक अवरोधक, जीआई शीट और पोल लगाकर पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गयी है।
 
जम्मू कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि वह सुबह साढ़े चार बजे शहीदों को श्रद्धांजलि देने मजार-ए-शुहादा पहुंचने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया।
 
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मैं आज सुबह साढ़े चार बजे 13 जुलाई के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मजार-ए-शुहादा जाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और कब्रिस्तान के चारों ओर कंटीले तारों की व्यापक घेराबंदी के कारण मुझे अंदर जाने से रोक दिया गया। मेरे साथ जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस की महिला इकाई की प्रांतीय अध्यक्ष साबिया कादरी भी थीं।’’
 
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष जैसी स्थिति दोबारा न बने, इसलिए इस बार ये पाबंदियां लगाई गई हैं। पिछले साल मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुलिस द्वारा मुख्य द्वार बंद किए जाने के बाद बाड़ फांदकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी।
 
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में पुलिस उपराज्यपाल के अधीन कार्य करती है।