वियतनाम नौका हादसे में मारे गए 15 भारतीयों के शव आज भारत भेजे जाएंगे

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-07-2026
Bodies of 15 Indians killed in Vietnam boat accident to be flown to India today
Bodies of 15 Indians killed in Vietnam boat accident to be flown to India today

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास नौका दुर्घटना में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों के शव सोमवार को भारत भेजे जाएंगे। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी दी।
 
दूतावास ने सोशल मीडिया पर बताया कि शवों को वियतनाम एयरलाइंस की उड़ान वीएन-979 से हो ची मिन्ह सिटी से मुंबई ले जाया जाएगा।
 
दूतावास के अनुसार, ‘‘यह उड़ान स्थानीय समयानुसार शाम छह बजे हो ची मिन्ह सिटी से रवाना होगी और भारतीय समयानुसार रात नौ बजकर 35 मिनट पर मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेगी।’’
 
दूतावास ने बताया कि संबंधित राज्य सरकारों को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है और उनसे प्रभावित परिवारों के साथ समन्वय कर पार्थिव शरीरों को उनके अंतिम गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है।
 
इस हादसे में मारे गए 15 लोगों में से 10 तमिलनाडु, तीन आंध्र प्रदेश और दो केरल के निवासी थे। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
 
दूतावास ने कहा, ‘‘हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।’’
 
गौरतलब है कि शुक्रवार को फू क्वोक द्वीप के निकट होन मे रुत नगोई क्षेत्र के पास 32 भारतीय पर्यटकों और चालक दल के चार स्थानीय सदस्यों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट पलट गई थी। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई।
 
दुर्घटना में 16 अन्य पर्यटकों को बचा लिया गया, जो उपचार के बाद भारत लौट चुके हैं, जबकि एक अन्य जीवित बचे पर्यटक की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और उसका फू क्वोक के एक अस्पताल में उपचार हो रहा है।
 
दुर्घटना के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। वियतनाम के अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
 
वियतनाम के समाचार पोर्टल ‘वीएन एक्सप्रेस इंटरनेशनल’ के अनुसार, स्पीडबोट के संचालक को रविवार को हिरासत में ले लिया गया।
 
फू क्वोक, वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है और अपने सफेद रेतीले समुद्र तटों, प्रवाल भित्तियों तथा द्वीप भ्रमण के कारण प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।
 
 
विदेश हनोई
आदेश के अनुसार, 30 मार्च 2002 के एक सरकारी आदेश के तहत कर्नाटक में लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के बच्चों को पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण का लाभ लेने की अनुमति नहीं है।