सरकारी सेवा में बेटियों के ‘अवैध चयन’ को लेकर कर्नाटक लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष साहूकार निलंबित

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-07-2026
Karnataka Public Service Commission Chairman Sahukar suspended over 'illegal selection'
Karnataka Public Service Commission Chairman Sahukar suspended over 'illegal selection'

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सोमवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार को निलंबित कर दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी दो बेटियों का औद्योगिक विस्तार अधिकारी के पद पर अवैध तरीके से चयन कराने में मदद की।
 
गहलोत ने इस मामले की जांच के लिए संविधान के अनुच्छेद 317(1) के तहत इसे उच्चतम न्यायालय को भेजने की सिफारिश भी राष्ट्रपति से की है।
 
राज्यपाल ने यह भी निर्देश दिया कि अगले आदेश तक आयोग के सबसे वरिष्ठ सदस्य केपीएससी के अध्यक्ष के दायित्वों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए साहूकार का निलंबन आवश्यक है।
 
राज्यपाल के आदेश में कहा गया है, ‘‘माननीय राज्यपाल ने भारत के राष्ट्रपति से संविधान के अनुच्छेद 317(1) के तहत कर्नाटक लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों की आवश्यक जांच के लिए मामला भारत के उच्चतम न्यायालय को भेजने की सिफारिश की है।’’
 
राज्यपाल सचिवालय ने बताया कि साहूकार के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपनी दो बेटियों का औद्योगिक विस्तार अधिकारी के पद पर अवैध रूप से चयन कराने में भूमिका निभाई।
 
आदेश में कहा गया कि केपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से उन पर आश्रित बेटियों के शामिल होने के बावजूद साहूकार ने स्वयं को चयन प्रक्रिया से अलग नहीं किया और न ही हितों के टकराव की औपचारिक घोषणा की।
 
आदेश में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनकी एक बेटी ने परिवार की वार्षिक आय 40 हजार रुपये बताकर आय और जाति प्रमाणपत्र हासिल किया तथा तथ्यों को छिपाते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण और ‘क्रीमी लेयर’ से छूट का लाभ लिया, जबकि उसके पिता केपीएससी के अध्यक्ष थे।
 
आदेश के अनुसार, 30 मार्च 2002 के एक सरकारी आदेश के तहत कर्नाटक में लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के बच्चों को पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण का लाभ लेने की अनुमति नहीं है।