दिल्ली के गीता कॉलोनी में तीन मंजिला इमारत झुकी, मौके पर पहुंचीं पुलिस

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 28-07-2026
Three-storey building tilts in Delhi's Geeta Colony; police reach the spot.
Three-storey building tilts in Delhi's Geeta Colony; police reach the spot.

 

नई दिल्ली।

पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी स्थित ब्लॉक-2ए में मंगलवार सुबह एक तीन मंजिला इमारत के खतरनाक तरीके से झुक जाने से इलाके में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लेना शुरू किया। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इमारत लंबे समय से झुकी हुई थी और इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही थी। बावजूद इसके, कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

इलाके के निवासी राकेश ने बताया कि इमारत की हालत काफी समय से चिंताजनक बनी हुई थी। उन्होंने कहा, "यह इमारत लंबे समय से झुकी हुई है। हमने कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज ऊपर से एक स्लैब टूटकर नीचे गिर गया, जिसके बाद लोगों में दहशत फैल गई।"

राकेश ने आरोप लगाया कि इस समस्या की जड़ निर्माण कार्य में हुई लापरवाही है। उनके अनुसार, "जब बिल्डरों ने यह संपत्ति खरीदी थी, तब उन्होंने पूरी पुरानी इमारत को गिराकर नया निर्माण नहीं किया। उन्होंने पुराने ढांचे पर ही अतिरिक्त मंजिलें बना दीं, उन्हें बेच दिया और बाद में वहां से चले गए। अब जिन लोगों ने फ्लैट खरीदे हैं, वही इस गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं।"

एक अन्य स्थानीय निवासी ने भी बताया कि पिछले कुछ समय में इमारत का झुकाव काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा, "इमारत अब पहले की तुलना में काफी ज्यादा झुक गई है। हमने पहले भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। आज इसका झुकाव और अधिक स्पष्ट दिखाई दे रहा है।"

स्थानीय लोगों ने इलाके की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इमारत के आसपास कई स्कूल हैं और हर सुबह बड़ी संख्या में बच्चे इसी रास्ते से गुजरते हैं। इसके अलावा यह मार्ग स्थानीय लोगों के दैनिक आवागमन का भी प्रमुख रास्ता है।

निवासी ने कहा, "यहां आसपास कई स्कूल हैं। सुबह बच्चे इसी रास्ते से आते-जाते हैं। हम भी रोज इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। किसी को नहीं पता कि यह इमारत कब गिर जाए। आज इसका झुकाव और बढ़ गया है, जिससे खतरा पहले से कहीं ज्यादा हो गया है।"

पुलिस की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर स्थानीय निवासी ने बताया कि अधिकारियों ने फिलहाल स्थिति का निरीक्षण किया है और आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उनके अनुसार, "पुलिस ने अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि वे सुबह दोबारा आकर आगे की कार्रवाई करेंगे।"

स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत अभी भी पूरी तरह खाली नहीं कराई गई है। दूसरी मंजिल पर एक युवक अपनी मां के साथ रह रहा है, जबकि भूतल के नीचे ऑटो-रिक्शा पार्किंग भी संचालित होती है। ऐसे में यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

गौरतलब है कि हाल ही में 8 जुलाई को दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में भी निर्माणाधीन एक इमारत गिर गई थी। उस घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर भेजी गई थीं और राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया था।

गीता कॉलोनी की यह घटना एक बार फिर राजधानी में जर्जर और असुरक्षित इमारतों की निगरानी तथा भवन निर्माण नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय निवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इमारत की तत्काल तकनीकी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि किसी संभावित हादसे को समय रहते टाला जा सके।