पीएम मोदी ने राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य जीतने पर बिंद्यारानी देवी को दी बधाई

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 28-07-2026
PM Modi congratulated Bindyarani Devi on winning a bronze medal at the Commonwealth Games.
PM Modi congratulated Bindyarani Devi on winning a bronze medal at the Commonwealth Games.

 

नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं की 58 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी सोरोक्हाइबम को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने उनकी उपलब्धि को कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प का परिणाम बताते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर लिखा, "भारोत्तोलन में भारत के लिए एक और पदक। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 58 किलोग्राम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर बिंद्यारानी देवी सोरोक्हाइबम पर गर्व है। उनकी सफलता उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।"

ग्लासगो में आयोजित इस मुकाबले में बिंद्यारानी देवी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का दूसरा राष्ट्रमंडल खेल पदक हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक नाइजीरिया की राफियातु फोलाशादे लावाल ने कुल 229 किलोग्राम वजन उठाकर और नया गेम्स रिकॉर्ड बनाकर जीता। वहीं कनाडा की एन सोफी ताशेरो ने 215 किलोग्राम के कुल वजन के साथ रजत पदक अपने नाम किया। बिंद्यारानी ने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता।

प्रतियोगिता के स्नैच राउंड में भारतीय खिलाड़ी ने संयमित शुरुआत की। उनके कोचिंग स्टाफ ने शुरुआती प्रयास का वजन 85 किलोग्राम से घटाकर 83 किलोग्राम कर दिया, जिसे उन्होंने आसानी से पूरा किया। इसके बाद उन्होंने 85 किलोग्राम और फिर 87 किलोग्राम का सफल प्रयास किया। इस प्रदर्शन के साथ वह इंग्लैंड की एलिजा प्रैट के बराबर रहीं, लेकिन बेहतर काउंटबैक के आधार पर उनसे आगे रहीं।

क्लीन एंड जर्क राउंड में बिंद्यारानी का पहला प्रयास 110 किलोग्राम का था, लेकिन जर्क के दौरान कोहनी मुड़ने के कारण जूरी समीक्षा के बाद इसे अमान्य घोषित कर दिया गया। हालांकि उन्होंने शानदार वापसी करते हुए दूसरे प्रयास में 112 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाया। इसके साथ उनका कुल स्कोर 199 किलोग्राम हो गया और कुछ समय के लिए वह रजत पदक की दौड़ में भी पहुंच गईं।

इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और बेहतर पदक की उम्मीद में 116 किलोग्राम उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सकीं। इसके बावजूद उनका कुल स्कोर कांस्य पदक जीतने के लिए पर्याप्त साबित हुआ।

यह बिंद्यारानी देवी का राष्ट्रमंडल खेलों में दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में रजत पदक जीता था। उनका यह नया पदक इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने 2023 में घुटने की गंभीर चोट से उबरने के बाद शानदार वापसी की है। इसके अलावा उन्होंने 55 किलोग्राम और 58 किलोग्राम दोनों भार वर्गों में खुद को सफलतापूर्वक ढाला और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।

बिंद्यारानी देवी के कांस्य पदक के साथ ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या छह हो गई है, जिसमें एक पदक पैरा पावरलिफ्टिंग में भी शामिल है। अब तक भारत ने एक स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं।

अब तक भारत के पदक विजेताओं में मीराबाई चानू (स्वर्ण, भारोत्तोलन), ऋषिकांत सिंह (रजत, भारोत्तोलन), मुथुपांडी राजा (रजत, भारोत्तोलन), ज्ञानेश्वरी यादव (रजत, भारोत्तोलन), बिंद्यारानी देवी (कांस्य, भारोत्तोलन) और झंडू कुमार (कांस्य, पैरा पावरलिफ्टिंग) शामिल हैं।

भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में देश की पदक तालिका लगातार मजबूत होती जा रही है। आने वाले दिनों में भारोत्तोलन, कुश्ती, बैडमिंटन, मुक्केबाजी और एथलेटिक्स जैसी स्पर्धाओं में भी भारत से पदकों की उम्मीदें बनी हुई हैं।