आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को मराठी सीखनी चाहिए और साथ ही हर किसी को कानून का पालन करना चाहिए तथा उस राज्य का सम्मान करना चाहिए जो उन्हें आजीविका प्रदान करता है।
राउत ने मुंबई में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों द्वारा मराठी भाषा को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि असहमति व्यक्त करना संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह कानून के दायरे में और अनुशासन के साथ होना चाहिए।
राज्यसभा सदस्य ने इस बात पर बल दिया कि महाराष्ट्र में अपनी आजीविका कमाने वालों को राज्य की भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “जो लोग यहां रहते और काम करते हैं, उन्हें महाराष्ट्र का सम्मान करना चाहिए। उन्हें यहां रोजगार और सुविधाएं मिल रही हैं, इसलिए उन्हें मराठी भी सीखनी चाहिए, क्योंकि जिन लोगों से वे अधिकतर बातचीत करते हैं, वे मराठी बोलते हैं।”
राउत ने कहा कि मराठी भाषा के खिलाफ नकारात्मक रुख अपनाना गलत है।