आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को अपने सात राज्यसभा सदस्यों के इस्तीफे को ‘‘पंजाब के साथ विश्वासघात’’ करार दिया तथा भाजपा पर पार्टी में विभाजन की साजिश रचने और केंद्रीय एजेंसियों का डर दिखाकर उसके नेताओं को पाला बदलने पर मजबूर करने का आरोप लगाया।
पार्टी ने कहा कि पंजाब की जनता उन लोगों को माफ नहीं करेगी जिन्होंने संसद में पहुंचने के बाद ‘‘राज्य की पीठ में छुरा घोंपा।’’
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा ने एक बार फिर पंजाबियों के साथ धोखा किया है।’’
शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) को एक बड़ा झटका लगा जब राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत उसके सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी।
चड्ढा के साथ आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पाठक ने भाजपा में शामिल होने के उनके फैसले की घोषणा की।
चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्यों में से लगभग दो-तिहाई - यानी 10 में से सात - ने पार्टी छोड़ दी है और वे एक गुट के रूप में भाजपा में शामिल होंगे।
उन्होंने घोषणा की कि स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह समेत सात लोग उनके साथ हैं।
‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि जो सांसद ‘‘डर, लालच और निजी मजबूरियों’’ के चलते भाजपा के सामने झुक गए और पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया, उन्हें राज्य कभी माफ नहीं करेगा।