आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की घटना ने पूरे समाज की भावनाओं और आस्था को ‘गहरी ठेस’ पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि ‘‘हिंदू विरोधी और राष्ट्रविरोधी ताकतें’’ इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का फायदा उठाकर हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने पूरे हिंदू समाज से भी अपील की कि वह ‘‘इस कठिन समय’’ में धैर्य और संयम बनाए रखे ताकि इस तरह की सभी ‘‘साजिशों’’ को विफल किया जा सके।
होसबाले ने ‘एक्स’ पर एक बयान में कहा, ‘‘अयोध्या स्थित श्रीराम लला मंदिर में रखे दानपात्रों से चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे समाज और रामभक्तों की भावनाओं तथा आस्था को गहरी ठेस पहुंचाई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस घटना से हम सभी बहुत दुखी और आक्रोशित हैं।’’
होसबाले ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत पूरे हिंदू समाज की न्यास से स्वाभाविक ही अपेक्षा है कि वह इस ‘‘अत्यंत निंदनीय’’ घटना को असाधारण मामला मानते हुए मंदिर के प्रबंधन और संचालन में मौजूद सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि यह इसलिए ‘‘बहुत महत्वपूर्ण’’ है, ताकि अयोध्या के राम मंदिर के प्रति करोड़ों रामभक्तों की आस्था और श्रद्धा अटूट तथा अडिग बनी रहे।
होसबाले ने कहा कि कहा कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के ‘‘आग्रहपूर्वक निवेदन’’ पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर उसकी अनुशंसा पर कानूनी प्रक्रिया शुरू की है।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मौजूदा ‘‘भ्रम और अनिश्चितता की स्थिति’’ समाप्त होनी चाहिए।