धरती पर जमी बर्फ में इस साल हुई कमी का असर दुनिया के नेताओं के लिए एक चेतावनी है: आईसीसीआई वैज्ञानिक

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 02-11-2026
This year's reduction in land ice is a warning to world leaders: ICCI scientist
This year's reduction in land ice is a warning to world leaders: ICCI scientist

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 अंतरराष्ट्रीय जलवायु पहल ‘इंटरनेशनल क्रायोस्फीयर क्लाइमेट इनिशिएटिव’ (आईसीसीआई) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि निकट भविष्य में धरती के तापमान के 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को अस्थायी रूप से पार करने का असर यहां की बर्फ की चादरों और ग्लेशियरों पर पड़ेगा।
 
रिपोर्ट के मुख्य लेखकों में से एक ने सोमवार को कहा कि यह संकट हमारे बेहद करीब है और यह केवल दूर-दराज के इलाकों तक ही सीमित नहीं है।
 
‘पीटीआई-वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में आईसीसीआई के मुख्य वैज्ञानिक और इस रिपोर्ट का समन्वय करने वाले मुख्य लेखक जेम्स किर्कहम ने कहा कि तापमान में और वृद्धि से इसके कई प्रभाव काफी गंभीर हो जाएंगे और उनमें से कुछ के लंबे समय तक बने रहने का खतरा है।
 
आईसीसीआई ने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के समन्वय से ‘ओवरशूट एंड द क्रायोस्फीयर’ नामक यह रिपोर्ट तैयार की है। यह यूएनईपी की हालिया रिपोर्ट ‘लिमिटिंग ओवरशूट’ की पूरक रिपोर्ट है।