राष्ट्रीय सुरक्षा पर नेता प्रतिपक्ष की बात नहीं सुनना चाहते थे प्रधानमंत्री: कांग्रेस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 05-02-2026
The Prime Minister did not want to listen to the Leader of the Opposition on national security: Congress
The Prime Minister did not want to listen to the Leader of the Opposition on national security: Congress

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कांग्रेस ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के बाद बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि चार दिनों तक निचले सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जानबूझकर बोलने नहीं दिया गया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी उनकी बात सुनना नहीं चाहते थे।
 
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि विपक्ष में रहते हुए भारतीय जनता पार्टी ने 10 जून, 2004 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सदन में बोलने से रोका गया था, जबकि उस वक्त राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा पूरी हुई थी।
 
लोकसभा ने बृहस्पतिवार को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
 
धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में हुई चर्चा का प्रधानमंत्री द्वारा सदन में जवाब देने की परंपरा है, लेकिन गतिरोध की स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जवाब लोकसभा में नहीं हुआ और प्रस्ताव को पारित कर दिया गया।
 
रमेश ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘नेता प्रतिपक्ष को लोकसभा में बोलने से चार दिनों तक रोका गया। वह राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा नीति को लेकर कुछ बुनियादी बात करने वाले थे, लेकिन उन्हें जनाबूझकर रोक दिया गया क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ये बातें सुनना नहीं चाहते थे।’’
 
उनका कहना था, ‘‘राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने का विषय उच्च सदन में उठाया और कहा कि संसद के दो स्तंभ होते हैं, एक लोकसभा और दूसरा राज्यसभा। जब एक स्तंभ पर आक्रमण होता है दूसरा स्तंभ भी कमजोर होता है।’’
 
रमेश ने कहा कि इस विषय पर विपक्षी दल एकजुट हैं और उन्होंने राज्यसभा से बहिर्गमन किया।