आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ‘तिरुपति लड्डू’ में इस्तेमाल होने वाले घी में मिलावट के कथित मामले में युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) को ‘क्लीन चिट’ नहीं दी है।
कल्याण ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के उंडावल्ली स्थित आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आस्था एक संवेदनशील मुद्दा है और ‘‘हमें इस बारे में बात करते समय सावधान रहना चाहिए’’।
कल्याण ने कहा, ‘‘सीबीआई ने (वाईएसआरसीपी को) क्लीन चिट नहीं दी। उन्होंने कहा कि घी वनस्पति आधारित है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि जब धार्मिक भावनाएं आहत हुईं तो विपक्षी पार्टी के नेताओं ने बिना सोचे-समझे बयान दिए।
अभिनेता एवं नेता कल्याण के मुताबिक, नायडू ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की एक बैठक के दौरान एनडीडीबी का एक बयान पढ़ा था, जिसमें बताया गया था कि पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान तिरुपति लड्डू बनाने में "मछली के तेल और ‘बीफ टैलो’ (गोवंश चर्बी) का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
नायडू ने सितंबर 2024 में आरोप लगाया था कि वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली राज्य की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान ‘तिरुपति लड्डू’ बनाने में पशु की चर्बी का इस्तेमाल किया गया था, जिससे बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
राजग विधायक दल की बैठक में नायडू ने आरोप लगाया था कि राज्य की पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी सरकार ने दुनिया भर में मशहूर तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं छोड़ा और लड्डू बनाने के लिए घटिया सामान और पशु चर्बी का इस्तेमाल किया।