The people of the Naxal-affected village reached Varanasi for the first time.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
चंदौली जिले के पांडी गांव की दर्जनों महिलाओं और बच्चों ने सोमवार को पहली बार अपने गांव की सीमाएं लांघकर शहर की दुनिया देखी। कभी नक्सल प्रभावित रहे इस गांव के लोगों ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए, शॉपिंग मॉल में घूमे और पहली बार एस्केलेटर पर कदम रखते हुए उसे अपनी बोली में ‘चलने वाला सीढ़ी’ नाम दिया।
वाराणसी शहर से महज 80 किलोमीटर दूर होने के बावजूद इन ग्रामीणों के लिए यह किसी शहर का पहला सफर था। आज सड़क बनने के बाद यह दूरी तीन घंटे से भी कम समय में तय हो जाती है, लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब यह सफर गांव के लोगों के लिए लगभग नामुमकिन था।
वाराणसी परिक्षेत्र पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग और ‘मिशन शक्ति’ के तहत दूरस्थ पांडी गांव से करीब 50 ग्रामीणों को वाराणसी भ्रमण पर लाया गया जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे।