सूत्रों के अनुसार, बैठक की शुरुआत भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की ऑडिट रिपोर्ट पर प्रस्तुति से होगी। इसके बाद कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के प्रतिनिधियों से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत किए गए कार्यों पर मौखिक साक्ष्य लिए जाएंगे।
लोक लेखा समिति विशेष रूप से सीएजी की उस रिपोर्ट की समीक्षा करेगी जिसमें प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के क्रियान्वयन और उसके परिणामों का प्रदर्शन ऑडिट किया गया है। समिति यह जानने का प्रयास करेगी कि योजना के उद्देश्यों को किस हद तक हासिल किया गया और इसके संचालन में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
बैठक में समिति की उपसमितियों द्वारा तैयार मसौदा रिपोर्टों पर भी विचार किया जाएगा। इनमें उपसमिति-द्वितीय (रक्षा) और उपसमिति-षष्ठम (गैर-अनुपालन) की रिपोर्टें शामिल हैं। इन रिपोर्टों को समिति द्वारा अपनाए जाने पर अंतिम रूप दिया जा सकता है।
रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दे भी बैठक के एजेंडे में शामिल हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक रूप से उन्नत 155 मिमी/45 कैलिबर तोप प्रणाली ‘धनुष’ के उत्पादन में हुई देरी की समीक्षा प्रमुख है। समिति इस परियोजना में आई बाधाओं और इसके कारणों की जांच करेगी।
इसके अलावा सेना को आपूर्ति किए गए दोषपूर्ण गोला-बारूद के प्रतिस्थापन के कारण हुए 62.10 करोड़ रुपये के नुकसान पर भी चर्चा होगी। यह मामला ओर्डनेंस फैक्ट्री, बदमाल द्वारा आपूर्ति किए गए गोला-बारूद से संबंधित है। समिति यह भी देखेगी कि इस नुकसान के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की गई है।
बैठक में रक्षा ऑफसेट प्रबंधन से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की जाएगी। सीएजी की रिपोर्टों में इस क्षेत्र में कई खामियों और प्रक्रियागत कमियों की ओर ध्यान आकर्षित किया गया था। समिति इन टिप्पणियों पर सरकार की कार्रवाई का मूल्यांकन करेगी।
इसके साथ ही गैर-चयनित ऑडिट अनुच्छेदों और अतिरिक्त व्यय से संबंधित मामलों में ‘एक्शन टेकन नोट्स’ समय पर प्रस्तुत न किए जाने के मुद्दे पर तैयार मसौदा रिपोर्ट पर भी विचार किया जाएगा। समिति यह सुनिश्चित करना चाहती है कि विभिन्न मंत्रालय और विभाग ऑडिट निष्कर्षों पर समयबद्ध कार्रवाई करें।
लोक लेखा समिति की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal कर रहे हैं।
उधर, संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति की बैठक भी आज सुबह 11 बजे संसद परिसर में होगी। इस बैठक में वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के अधिकारी और मुख्य आर्थिक सलाहकार देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर प्रस्तुति देंगे।
इस बीच मंगलवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में सीबीएसई अधिकारियों से कक्षा 12 की परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली से जुड़ी समस्याओं पर सवाल पूछे गए थे। समिति के सदस्यों ने छात्रों को हुई परेशानियों पर चिंता व्यक्त करते हुए जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सीबीएसई हाल के दिनों में पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल में तकनीकी खामियों और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित विसंगतियों को लेकर बढ़ते दबाव का सामना कर रहा है। ऐसे में संसद की विभिन्न समितियों की बैठकों को नीति और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।