आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ऐतिहासिक मैसूरु दशहरा समारोह के आयोजन के प्रबंधन को लेकर मैसूरु के पूर्व राजपरिवार द्वारा अप्रसन्नता जताये जाने के बीच, कर्नाटक के मंत्री यतींद्र सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा कि महल बोर्ड और महल की जमीन सरकार की है, वहीं राजपरिवार को उचित सम्मान दिया जा रहा है।
यतींद्र सिद्धरमैया मैसूरु के पूर्व राजपरिवार की सदस्य प्रमोदा देवी वाडियार के उस पत्र पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने हाल ही में आयोजित दशहरा समारोह के प्रबंधन पर अप्रसन्नता जताई थी।
शहरी विकास मंत्री यतींद्र ने कहा कि राजपरिवार को रहने के लिए महल का एक हिस्सा आवंटित किया गया है और सरकार जंबू सवारी में इस्तेमाल होने वाले अंबारी (सोने के हौदे) के उपयोग के लिए भुगतान करती है। उन्होंने कहा कि सरकार राजपरिवार के लगातार संपर्क में है और उसकी शिकायतों का समाधान करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, ‘‘महल बोर्ड और जमीन सरकार की है। इसके बावजूद, हम राजपरिवार को उचित सम्मान देते हैं और दशहरा समारोह के आयोजन में उसका सहयोग मांगते हैं।’’
यतींद्र ने कहा कि सरकार शिकायतों की पड़ताल करेगी और आधिकारिक जवाब देगी। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि या तो उनसे मुलाकात करके मुद्दों पर चर्चा करेंगे या औपचारिक जवाब भेजेंगे।