सर रतन टाटा ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बोर्ड बैठक रद्द

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-05-2026
 the Sir Ratan Tata Trust has been cancelled.
the Sir Ratan Tata Trust has been cancelled.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
सर रतन टाटा ट्रस्ट की शुक्रवार को प्रस्तावित बोर्ड बैठक बिना कोई कारण बताये रद्द कर दी गई। मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी।

निदेशक मंडल की इस बैठक में टाटा सन्स के निदेशक मंडल में नामित किये जाने पर पुनर्विचार किया जाना था।
 
यह बैठक बंबई उच्च न्यायालय के बैठक पर रोक लगाने से इनकार के बावजूद रद्द की गई। टाटा ट्रस्ट के पास टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा सन्स में 23.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है जिसका आकार 180 अरब डॉलर से अधिक है।
 
मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा, ‘‘बैठक नहीं हुई। कोई कारण नहीं बताया गया।’’
 
बैठक की नई तारीख अभी तक तय नहीं की गई है।
 
टाटा ट्रस्ट से इस संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए ईमेल भेजा गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
 
गौरतलब है कि इससे पहले एक याचिका में इस बैठक को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि ट्रस्ट के मौजूदा निदेशक मंडल की संरचना महाराष्ट्र सार्वजनिक न्यास (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत तय सीमा का उल्लंघन करती है। रतन टाटा ट्रस्ट में फिलहाल छह न्यासी हैं जिनमें से तीन जिमी नवल टाटा, जहांगीर एचसी जहांगीर और नोएल नवल टाटा आजीवन न्यासी हैं। यह कुल निदेशक मंडल का 50 प्रतिशत बनता है जबकि कानूनी सीमा 25 प्रतिशत है।
 
ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक में टाटा ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को टाटा सन्स निदेशक मंडल में पुनः नामित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी थी।
 
टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा और वाइस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन वर्तमान में टाटा सन्स के निदेशक मंडल में हैं। पिछले साल पूर्व रक्षा सचिव विजय सिंह ने टाटा सन्स बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था।
 
दो न्यासी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से टाटा सन्स को सूचीबद्ध करने की सिफारिश करने और नोएल टाटा के इसका विरोध करने की पृष्ठभूमि में शुक्रवार की यह बैठक होने वाली थी।
 
टाटा ट्रस्ट के अंतर्गत आने वाले परमार्थ संस्थानों के न्यासियों के बीच यह मतभेद पिछले साल सामने आया था। न्यासियों की टाटा सन्स में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है।