आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि रूस अनुचित प्रतिस्पर्धा के बावजूद भारत के साथ ऊर्जा आपूर्ति संबंधी समझौतों को पूरा करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच संबंध मित्रता पर आधारित हैं और ऐसी कोई स्थिति नहीं है जिसमें उनके रास्ते अलग हो जाएं।
इस सप्ताह नयी दिल्ली की अपनी यात्रा से पहले ‘रशिया टुडे-इंडिया’ को दिए एक साक्षात्कार में, लावरोव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह दुनिया के सबसे ऊर्जावान नेताओं में से एक हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह गारंटी दे सकता हूं कि रूसी आपूर्ति के संबंध में भारत के हितों को कोई नुकसान नहीं होगा। हम यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे कि यह अनुचित और बेईमानी भरी प्रतिस्पर्धा हमारे समझौतों को क्षति न पहुंचाए।’’
लावरोव ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा आपूर्ति के मामले में रूस भारत या किसी अन्य के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करने में कभी भी विफल नहीं रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र हमारी प्रमुख परियोजना है। यह भारत की जरूरतों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा करता है।’’
लावरोव ने कहा, ‘‘इस परमाणु संयंत्र के लिए नयी विद्युत इकाइयों के निर्माण पर सहयोग जारी है। फिर भी, भारत को और अधिक की आवश्यकता है। हम गैस, तेल और कोयला जैसे हाइड्रोकार्बन की आपूर्ति जारी रखे हुए हैं।’’