मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सेवा परीक्षा-2025 की मुख्य परीक्षा पर लगी रोक हटाई

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 19-06-2026
the main examination of State Services Examination-2025
the main examination of State Services Examination-2025

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की राज्य सेवा परीक्षा (एसएसई)-2025 की मुख्य परीक्षा आयोजित करने पर लगाई गई अंतरिम रोक हटा दी है।
 
इस फैसले के साथ ही उप जिलाधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार तथा अन्य राज्य स्तरीय पदों पर नियुक्ति के इच्छुक करीब 4,000 अभ्यर्थियों का एक वर्ष क इंतजार समाप्त हो गया है। प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
 
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ प्रावधानों और प्रक्रियाओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
 
उच्च न्यायालय ने दो अप्रैल 2025 को निर्देश दिया था कि उसकी अनुमति के बिना राज्य सेवा परीक्षा की मुख्य परीक्षा आयोजित नहीं की जाए।
 
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर ठाकुर ने दलील दी कि उनकी याचिकाओं पर निकट भविष्य में अंतिम निर्णय लिये जाने की संभावना नहीं है। ऐसे में मुख्य परीक्षा पर लगी रोक हटाई जानी चाहिए और शेष कानूनी मुद्दों पर बाद में अलग से सुनवाई की जा सकती है।
 
ठाकुर ने बताया कि इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए खंडपीठ ने अंतरिम रोक हटा दी और एमपीपीएससी को मुख्य परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे दी।
 
याचिकाओं में अन्य बातों के अलावा एसएसई-2025 की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में श्रेणीवार ‘कट-ऑफ’ अंक सार्वजनिक नहीं करने से संबंधित नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।
 
ठाकुर ने बताया कि याचिकाकर्ताओं ने यह भी प्रश्न उठाया है कि आरक्षित वर्ग के मेधावी अभ्यर्थियों का चयन अनारक्षित पदों पर नहीं किया गया तथा आयु सीमा में छूट और अन्य रियायतों का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को अनारक्षित श्रेणी में स्थानांतरित नहीं किया गया।
 
उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान एमपीपीएससी ने श्रेणीवार कट-ऑफ अंक सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंप दिए, लेकिन याचिकाओं में उठाए गए मुद्दों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।