the government took a well-considered decision: Jammu and Kashmir Assembly Speaker
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जम्मू कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सोमवार को कहा कि 2025 में ‘दरबार मूव’ की बहाली सरकार का सोच-समझकर लिया गया फैसला था तथा यह निर्णय लोगों की इच्छाओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
जम्मू कश्मीर सरकार ने सोमवार को द्विवार्षिक ‘दरबार मूव’ के तहत जम्मू से कामकाज फिर शुरू कर दिया। यह 154 साल पुरानी प्रशासनिक परंपरा है, जिसे डोगरा शासकों ने 1872 में शुरू किया था। उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन ने 2021 में इस परंपरा को बंद कर दिया था। इसके बाद उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने अक्टूबर 2025 में इसे फिर से शुरू किया।
राथर ने जम्मू में दरबार मूव के पहले दिन विधानसभा कक्ष में संवाददाताओं से कहा, “सरकार ने सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद दरबार मूव को बहाल करने का फैसला लिया है। यहां के लोग इसे फिर से शुरू करना चाहते थे और हम उनकी इच्छाओं का सम्मान करते हैं।”
राथर ने कहा कि इस परंपरा में कुछ भी नया नहीं है। इसे कुछ वर्षों के लिए बंद किए जाने से पहले कई दशकों तक इसका पालन किया जाता रहा था।
उन्होंने कहा कि दरबार मूव की बहाली लोगों की इच्छाओं के अनुरूप की गई है और यह लंबे समय से चली आ रही परंपरा दोनों क्षेत्रों के लोगों की सेवा करती रहेगी।