The government has turned the country's 'policy making platform' into its 'advertising portal': Sayani Ghosh
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तृणमूल कांग्रेस की सांसद सयानी घोष ने सत्तारूढ़ भाजपा पर बुधवार को लोकसभा में आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने देश के ‘नीति निर्माण मंच’ को अपना ‘विज्ञापन पोर्टल’ बना दिया है और वे लोकसभा अध्यक्ष के पद का इस्तेमाल विपक्ष और सदन को खामोश करने के लिए कर रहे हैं।
लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष की ओर से लाए गए संकल्प पर चर्चा में भाग लेते हुए घोष ने कहा कि वह स्पष्ट करना चाहती हैं कि ‘‘व्यक्तिगत तौर पर बिरला जी के प्रति उनका कोई आक्रोश या विरोध नहीं है’’ लेकिन लोकसभा अध्यक्ष के पद से निष्पक्षता की उम्मीद की जाती है, जो इसके कामकाज का अभिन्न हिस्सा है।
तृणमूल सांसद ने आरोप लगाया कि पिछले सात साल से लोकसभा उपाध्यक्ष का पद खाली रखा गया है क्योंकि वे नहीं चाहते कि इस तरफ (विपक्ष) का कोई सदस्य उस पर पर आसीन हो।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सरकार ने देश के पॉलिसी मेकिंग प्लेटफॉर्म को अपना विज्ञापन पोर्टल बना दिया है’’ और वे आसन का इस्तेमाल विपक्ष और इस सदन को चुप करने के लिए कर रहे हैं ताकि अपना एजेंडा चला सकें।
उन्होंने कहा कि संसद चलाने में हर मिनट ढाई लाख रुपये खर्च होते हैं 2014 के 2024 के शीतकालीन सत्र तक कुल 3,300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ क्योंकि सरकार नहीं चाहती थी कि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो।
घोष ने कहा कि संसद में पेश किये गए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) रिपोर्ट की संख्या 2015 के 53 से घटकर 2023 में महज 18 रह गई।