A woman declared brain-dead in Pilibhit recovered after being hit by a pothole. Doctors said she recovered with treatment.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पीलीभीत जिले में 'ब्रेन-डेड' घोषित की गई 50 वर्षीय एक महिला को एंबुलेंस से घर ले जाते वक्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक गड्ढे से लगे झटके से 'नया जीवन' मिल गया और दोबारा इलाज होने के बाद आखिरकार वह ठीक हो गई। उसके परिजनों ने यह दावा किया है।
परिजन के मुताबिक इलाज से कोई फायदा नहीं हो पाने से मायूस होकर जब वे महिला को अपने घर ला रहे थे तभी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 74 पर हाफिजगंज के पास उसे लेकर आ रही एंबुलेंस सड़क पर एक गड्ढे से गुजरी जिससे लगे झटके से उसकी सांसें सामान्य हो गयीं।
हालांकि, बाद में महिला का इलाज करने वाले एक चिकित्सक ने कहा कि महिला का ठीक हो जाना कोई भगवान का चमत्कार नहीं था, बल्कि किसी जहरीले कीड़े या सांप के काटने के शक के आधार पर किए गए इलाज का नतीजा था।
परिजन के मुताबिक पीलीभीत की एक अदालत में वरिष्ठ सहायक के तौर पर कार्यरत विनीता शुक्ला (50) पिछले महीने 22 फरवरी को घर का काम करते समय बेहोश हो गई थीं।
विनीता के पति कुलदीप शुक्ला के मुताबिक उनकी पत्नी को पहले उच्च रक्तचाप की शिकायत थी जिसकी उन्होंने दवा ली थी। उन्होंने बताया कि पिछली 22 फरवरी को वह अचानक बेहोश हो गई और उन्हें पीलीभीत के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां से गंभीर हालत के मद्देनजर उन्हें बरेली रेफर कर दिया गया था।
उन्होंने कहा,‘‘विनीता को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वह तीन दिनों तक वेंटिलेटर पर रहीं। बाद में डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि उनके बचने की उम्मीद बहुत कम है और उन्हें रेफरल नोट देकर छुट्टी दे दी।’’
कुलदीप ने कहा कि 24 फरवरी को वह अपनी बेहोश पत्नी को एम्बुलेंस से घर वापस ला रहे थे और उन्होंने रिश्तेदारों को उनके अंतिम संस्कार की तैयारी करने के लिए पहले ही बता दिया था।