The elimination of Naxalism in Madhya Pradesh was possible due to the brave soldiers: Chief Minister Yadav
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि जवानों के साहस और समर्पण के कारण राज्य करीब 35 वर्षों से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या से उबरने में सफल रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, शांति और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस तथा सशस्त्र बलों की भूमिका की सराहना भी की।
यादव यहां शहीद स्मारक मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस परेड-2026 को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लिए यह गर्व का क्षण है कि वह करीब 35 वर्षों से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या से उबरने में सफल रहा है, यह दौर कई चुनौतियों से भरा था लेकिन जवानों ने अपने अदम्य साहस, शौर्य और समर्पण से प्रदेश को गौरवान्वित किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य ने नक्सलवाद की गंभीर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया है।
यादव ने कहा कि 21 अक्टूबर को पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करने के लिए पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन राष्ट्रीय सुरक्षा, शांति और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस तथा सशस्त्र बलों की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शस्त्र धारण करना केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प है। इस अवसर पर उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिन्होंने राष्ट्र और समाज की सुरक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
यादव यहां शहीद स्मारक मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस परेड-2026 को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लिए यह गर्व का क्षण है कि वह करीब 35 वर्षों से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या से उबरने में सफल रहा है, यह दौर कई चुनौतियों से भरा था लेकिन जवानों ने अपने अदम्य साहस, शौर्य और समर्पण से प्रदेश को गौरवान्वित किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य ने नक्सलवाद की गंभीर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया है।
यादव ने कहा कि 21 अक्टूबर को पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करने के लिए पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन राष्ट्रीय सुरक्षा, शांति और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस तथा सशस्त्र बलों की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शस्त्र धारण करना केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प है। इस अवसर पर उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिन्होंने राष्ट्र और समाज की सुरक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।