आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने बुधवार को कहा कि किसी को भी किसी व्यक्ति से उसका मतदान का अधिकार छीनने का हक नहीं है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में यही किया है।
थरूर ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची से 90 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए और इनमें से केवल करीब 82,000 लोगों की अपीलों पर सुनवाई हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘जिन अपीलों पर सुनवाई हुई उनमें 91 प्रतिशत मामलों में पाया गया कि उन लोगों के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए थे। अगर 91 प्रतिशत मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए तो फिर एसआईआर का क्या औचित्य था?’’
थरूर ने सवाल किया, ‘‘फॉर्म-6 को क्यों हटाया गया? फॉर्म-7 बड़े पैमाने पर क्यों दाखिल किए गए? वर्ष 2002 की मतदाता सूची को किस आधार पर बुनियाद बनाया गया? देश में दशकों से चुनाव होते आ रहे हैं लेकिन पहले कभी ऐसी समस्या सामने नहीं आई।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ये सभी समस्याएं निर्वाचन आयोग के कारण पैदा हुई हैं।’’