विधानसभा चुनाव खत्म होते ही देश को नई आर्थिक वास्तविकता का सामना करना होगा: तिवारी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 24-03-2026
The country will have to face a new economic reality once the assembly elections are over: Tiwari
The country will have to face a new economic reality once the assembly elections are over: Tiwari

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पश्चिम एशिया युद्ध का हवाला देते हुए मंगलवार को लोकसभा में दावा किया कि अगले महीने कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतें नियंत्रित रखी जा रही हैं, लेकिन इन चुनावों के खत्म होते ही देश को नई आर्थिक वास्तविकता का सामना करना होगा।

सदन में वित्त विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए तिवारी ने यह भी कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का भारत पर कितना बोझ पड़ने वाला है।
 
तिवारी ने कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले का दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बहुत नकारात्मक असर हुआ है तथा भारत पर भी बहुत व्यापक प्रभाव पड़ा है।
 
उन्होंने कहा कि जब भी कच्चे तेल की कीमत 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ती है तो भारत पर 10 से 15 अरब डॉलर का अतिरिक्त बोझ बढ़ता है।
 
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को सदन में अपने भाषण के माध्यम से देश को इस बात के लिए तैयार कर रहे थे कि आने वाले दिन कितने मुश्किल भरे हैं।
 
उन्होंने दावा किया कि 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव तक पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत नियंत्रित करने की कोशिश होगी, लेकिन एक मई, 2026 के बाद देश को नई आर्थिक वास्तविकता का सामना करना होगा।
 
तिवारी का कहना था कि अगले वित्त वर्ष के लिए जिन अनुमानों पर बजट लाया गया था, वो सभी अब धाराशायी हो गए हैं।
 
उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार पुराना कर्ज उतारने के लिए नया कर्ज ले रही है?