बीजेपी केरल इकाई ने राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का समर्थन किया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 13-01-2026
The BJP's Kerala unit has supported changing the state's name to 'Keralam'.
The BJP's Kerala unit has supported changing the state's name to 'Keralam'.

 

तिरुवनंतपुरम

केरल बीजेपी इकाई ने राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के एलडीएफ सरकार के कदम का समर्थन किया है और इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन को पत्र भेजकर अपनी स्थिति स्पष्ट की।

राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि राज्य का नाम बदलने से उन उग्रवादी ताकतों के प्रयासों को रोका जा सकेगा, जो धर्म के आधार पर अलग-अलग जिले बनाने की मांग कर राज्य को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि केरल विधानसभा ने आधिकारिक रिकॉर्ड में राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव पारित किया है।

बीजेपी की विचारधारा भाषा, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा पर आधारित है। चंद्रशेखर ने कहा कि पार्टी सदैव राज्य को ‘केरलम’ के रूप में देखती आई है, जो हजारों सालों की परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर और विरासत का प्रतीक है। पत्र में उन्होंने आशा जताई कि राज्य का नाम बदलने से सभी राजनीतिक दल मिलकर केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करेंगे और एक ‘विकसित और सुरक्षित केरलम’ बनाने के प्रयास करेंगे, जहां सभी लोगों की आस्था और परंपरा का सम्मान किया जाएगा।

चंद्रशेखर ने कहा, “ऐसा केरलम जो अपनी ऐतिहासिक जड़ों से गहराई से जुड़ा हो, साथ ही सभी मलयालियों के लिए उज्जवल और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करे, वह समाज में कुछ कट्टरपंथी तत्वों के प्रयासों को भी विफल करेगा, जो धर्म के आधार पर अलग-अलग जिले बनाने की मांग करते हैं।”

बीजेपी राज्य अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में भी यही संदेश दोहराया और सभी मलयालियों के विश्वास और धार्मिक आस्था की सुरक्षा के साथ ‘सुरक्षित और विकसित केरल’ बनाने की उम्मीद जताई।

केरल विधानसभा ने अगस्त 2024 में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें केंद्र सरकार से राज्य का नाम सभी भाषाओं में ‘केरलम’ करने का आग्रह किया गया। मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने कहा था कि राज्य का नाम मलयालम में ‘केरलम’ है, लेकिन अन्य भाषाओं में अभी भी यह केरल ही है।

बीजेपी केरल इकाई के पास राज्य विधानसभा में कोई सदस्य नहीं है, लेकिन पार्टी ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए स्पष्ट कर दिया कि वे राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत के संरक्षण में विश्वास रखते हैं।