संवैधानिक संस्था में सामान्य नागरिक का विश्वास ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत : आदित्यनाथ

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 14-09-2026
The biggest strength of democracy is the faith of common citizens in constitutional institutions: Adityanath
The biggest strength of democracy is the faith of common citizens in constitutional institutions: Adityanath

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि किसी संवैधानिक संस्था में सामान्य नागरिक का विश्वास ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होता है और अगर जनता का विश्वास नहीं है तो सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में लोकायुक्त संगठन के स्थापना की स्वर्ण जयंती के कार्यक्रम के अवसर पर अपने सम्बोधन में यह भी कहा कि लोकायुक्त जैसी संस्थाओं के जरिये मिले अधिकारों का दुरुपयोग ना हो, इसलिये अनावश्यक शिकायतें करने वाले लोगों पर मजबूती से 'शिकंजा' कसने का काम भी होना चाहिए।
 
आदित्यनाथ ने 14 सितंबर 1977 को उत्तर प्रदेश में न्यायमूर्ति विशंभर दयाल के नेतृत्व में गठित हुए और वर्तमान में न्यायमूर्ति संजय मिश्र की अगुवाई में कार्यरत लोकायुक्त संगठन के 50 वर्ष पूरे होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संवैधानिक संस्था में एक सामान्य नागरिक का विश्वास ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है और जो संस्था आमजन के विश्वास पर खरी उतरेगी, लोकतंत्र में उस संस्था को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता।
 
उन्होंने कहा, ''लेकिन यह प्रश्न भी हमारे सामने सदैव बना रहता है।''
 
आदित्यनाथ ने कहा, ''मेरा मानना है कि सुशासन तो जन विश्वाास पर निर्भर करता है। अगर जनता का विश्वास नहीं है तो हम सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकते। सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है कि अंतिम पायदान पर बैठा व्यक्ति भी हमारी विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं पर इस विश्वास के साथ गौरव की अनुभूति कर सके।''
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के संविधान के हिसाब से न्याय, सत्य और समता मौलिक आवश्यकता है, जिसमें हर व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार है।