वंदे मातरम् पर थरूर ने कहा: कट्टरतावादी लोगों ने मानवीय स्वभाव के पहलू को नजरअंदाज किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-08-2026
Tharoor on Vande Mataram: Fanatics have ignored the essence of human nature
Tharoor on Vande Mataram: Fanatics have ignored the essence of human nature

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम की शुरुआत और समापन पर राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रगीत के गायन को अनिवार्य बनाने के सरकार के कदम की आलोचना करते हुए मंगलवार को कहा कि इससे ‘वंदे मातरम्’ के प्रति अधिक सम्मान बढ़ाने के लिए लाए गए संशोधित कानून का मकसद शायद पूरा नहीं हो पाए।

थरूर ने इस बात का उल्लेख किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वंदे मातरम् से संबंधित संशोधन को मंजूरी दे दी है। यह संशोधन संसद में बिना चर्चा के पारित हुआ और इसके तहत किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम की शुरुआत और समापन पर राष्ट्रगान के अलावा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को पूर्ण रूप से गाना अनिवार्य किया गया है।
 
तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य थरूर ने कहा, ‘‘मैं एक ऐसा व्यक्ति हूं जो दोनों का बहुत सम्मान करता है और राष्ट्र गीत के पहले दो अंतरे गा सकता हूं तथा पूरा राष्ट्रगान भी गा सकता हूं। मैं केवल एक व्यावहारिक पहलू की ओर ध्यान दिलाना चाहता हूं, जिसे ये कट्टरतावादी लोग नजरअंदाज करते दिख रहे हैं, वो है मानवीय स्वभाव।’’
 
उन्होंने कहा कि ‘जन गण मन’ के दौरान श्रोताओं से सम्मानपूर्वक खड़े रहने और करीब 52 सेकंड तक अपना ध्यान केंद्रित रखने की अपेक्षा की जाती है।