पुरी का जगन्नाथ मंदिर 12 अगस्त को पांच घंटे रहेगा बंद

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-08-2026
Puri's Jagannath Temple will remain closed for five hours on August 12.
Puri's Jagannath Temple will remain closed for five hours on August 12.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
ओडिशा के पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर 'चितालागी अमावस्या' नामक एक खास रस्म के लिए बुधवार दोपहर को पांच घंटे तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
 
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘ 12 अगस्त बुधवार को श्रावण कृष्ण अमावस्या तिथि पर देवताओं की ‘चितालागी नीति’ संपन्न होगी। इसलिए, पहले भोग मंडप का भोग लगाने के बाद, दोपहर दो बजे से शाम सात बजे तक आम दर्शन अस्थायी रूप से बंद रहेंगे।’’
 
रस्म के अनुसार, श्रावण मास की अमावस्या के दिन ‘चितालागी अमावस्या’ का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को विधि-विधान से माथे पर रत्न जड़ित सोने का आभूषण पहनाया जाता है। स्नान यात्रा और वार्षिक रथ यात्रा से पहले इन आभूषणों को देव प्रतिमाओं से उतार दिया जाता है।
 
ओडिशा में ‘चितालागी अमावस्या’ को खेती-बाड़ी से जुड़े त्योहार के तौर पर भी मनाया जाता है, जिसमें लोग चावल से एक खास तरह का पकवान ‘चितऊ पीठा’ बनाते हैं।
 
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘ 12 अगस्त बुधवार को श्रावण कृष्ण अमावस्या तिथि पर देवताओं की ‘चितालागी नीति’ संपन्न होगी। इसलिए, पहले भोग मंडप का भोग लगाने के बाद, दोपहर दो बजे से शाम सात बजे तक आम दर्शन अस्थायी रूप से बंद रहेंगे।’’
 
रस्म के अनुसार, श्रावण मास की अमावस्या के दिन ‘चितालागी अमावस्या’ का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को विधि-विधान से माथे पर रत्न जड़ित सोने का आभूषण पहनाया जाता है। स्नान यात्रा और वार्षिक रथ यात्रा से पहले इन आभूषणों को देव प्रतिमाओं से उतार दिया जाता है।
 
ओडिशा में ‘चितालागी अमावस्या’ को खेती-बाड़ी से जुड़े त्योहार के तौर पर भी मनाया जाता है, जिसमें लोग चावल से एक खास तरह का पकवान ‘चितऊ पीठा’ बनाते हैं।