Thane district court acquits two accused of robbing a passenger on a train in 2002
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने ट्रेन में लूटपाट के 2002 के मामले में आरोपी दो व्यक्तियों को बरी कर दिया है।
अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष पिछले दो दशकों में एक भी महत्वपूर्ण गवाह से जिरह करने में विफल रहा है।
अदालत ने मामले में नौ फरवरी को फैसला सुनाया था जिसकी एक प्रति बुधवार को उपलब्ध कराई गई।
कल्याण के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पी आर अष्टुरकर ने कहा कि ‘‘रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं है’’ जो आरोपी शेख बाबू उर्फ छोटा बाबू शेख प्यारे और शेख अयूब शेख यूसुफ की संलिप्तता का संकेत देते हों।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर 24 जुलाई, 2002 को कल्याण के पास चालुक्य एक्सप्रेस में सवार एक महिला यात्री से लूटपाट की थी।
अदालत ने कहा कि बार-बार प्रयास करने के बावजूद अभियोजन पक्ष के किसी भी गवाह का पता नहीं लगाया जा सका। अदालत ने कहा, ‘‘रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जो उक्त मामले में आरोपी की संलिप्तता और सक्रिय भागीदारी का दूर-दूर तक संकेत देता हो।’’
मामले में केवल एक गवाह, समन करने वाले पुलिस कांस्टेबल से जिरह की गई, जिसने बयान दिया कि गवाहों का पता नहीं लगाया जा सका।
अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि मामले को बेवजह लटकाए रखना व्यर्थ होगा और इससे कोई नतीजा नहीं निकलेगा।