The nationwide shutdown had no effect in Bengal.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय श्रमिक संगठनों की बृहस्पतिवार को बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल का पश्चिम बंगाल में कोई असर नहीं दिखा। सड़कों पर वाहन आम दिनों की तरह चलते नजर आये और राज्य सरकार एवं निजी कार्यालयों में भी उपस्थिति सामान्य रही।
केंद्रीय श्रमिक संगठनों के एक संयुक्त मंच ने चार श्रम संहिताओं को रद्द करने और मजदूरों एवं किसानों पर असर डालने वाली कई नीतियों को वापस लेने की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था।
कोलकाता और दूसरे जिलों में निजी और सरकारी वाहन आम दिनों की तरह दौड़ते नजर आये और स्कूल भी खुले रहे।
माकपा की छात्र इकाई एसएफआई ने बंद के समर्थन में यादवपुर और प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालयों के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
बृहस्पतिवार को राज्य बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा का पहला दिन होने के मद्देनजर यह सुनिश्चित किया गया कि विद्यार्थियों को उनके परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग मार्ग पर पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध हों।