Thane court acquits youth accused of rape, citing consensual relationship as the basis
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने एक लड़की के अपहरण और उससे दुष्कर्म के आरोपी 26 वर्षीय व्यक्ति को इस आधार पर बरी कर दिया कि उनके बीच का रिश्ता आपसी सहमति से था और लड़की नाबालिग नहीं, बल्कि बालिग थी।
विशेष पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश प्रेमल एस विठलानी ने 29 अगस्त को पारित अपने आदेश में कहा कि आरोपी और पीड़िता के बीच प्रेम संबंध थे। इस आदेश की प्रति मंगलवार को उपलब्ध कराई गई।
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि 14 जून 2019 को युवक ने ठाणे की रहने वाली लड़की का अपहरण कर लिया था। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि उस समय लड़की की उम्र 17 वर्ष थी। उनके अनुसार इसके बाद आरोपी उसे उत्तर प्रदेश ले गया और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। बाद में लड़की गर्भवती हो गई और फरवरी 2021 में उसने एक बच्चे को जन्म दिया।
भारतीय दंड संहिता (भादंसं) और बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत आरोपी के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
बचाव पक्ष के वकील ने अभियोजन पक्ष के मामले में कई खामियां उजागर कीं।