आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा-स्नातक (सीयूईटी-यूजी) में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली देविना गहलोत ने कहा है कि जब उन्होंने पहली बार अपना परिणाम देखा तो उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने अपना आवेदन क्रमांक दोबारा जांचा।
बिजवासन से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक कैलाश गहलोत की बेटी देविना ने कहा, ‘‘मैं बार-बार आवेदन क्रमांक देख रही थी क्योंकि मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि मैंने पूरे देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है।’’
उन्होंने कहा कि उन्हें परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने का भरोसा था लेकिन उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर पहला स्थान हासिल करने की उम्मीद नहीं की थी।
देविना ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और शिक्षकों को देते हुए कहा कि उन्होंने उन पर कभी किसी तरह का दबाव नहीं डाला।
तैयारी की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर देविना ने कहा कि लंबे समय तक पढ़ाई करने से अधिक महत्वपूर्ण अनुशासन और निरंतरता है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं हर दिन प्रत्येक विषय पढ़ती थी। मैंने केवल किसी एक विषय पर ध्यान केंद्रित नहीं किया। मैं पाठ्यक्रम को नियमित रूप से दोहराती थी और मैंने पिछले वर्षों के बहुत से प्रश्नपत्र हल किए।’’
देविना ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद तैयारी का शुरुआती दौर चुनौतीपूर्ण था।