नसीराबाद अजमेर में 148वां यूनानी मेडिकल कैंप, 600 मरीजों का इलाज

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 27-04-2026
148th Unani Medical Camp held in Nasirabad, Ajmer; 600 patients treated.
148th Unani Medical Camp held in Nasirabad, Ajmer; 600 patients treated.

 

अजमेर

जिले की नसीराबाद तहसील में आयोजित 148वें यूनानी मेडिकल कैंप ने ग्रामीण स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के तत्वावधान में और जुमआतुल उलमा के सहयोग से आयोजित इस कैंप में दिल्ली और आसपास के इलाकों से आए विशेषज्ञ यूनानी डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं। कार्यक्रम में पहुंचे डॉक्टरों का पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में पगड़ी पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

इस मेडिकल कैंप में लगभग 600 मरीजों ने अपनी विभिन्न बीमारियों की मुफ्त जांच कराई। खास बात यह रही कि डायबिटीज (शुगर) के मरीजों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जहां बड़ी संख्या में लोगों की ब्लड शुगर जांच की गई। इस दौरान सामने आए आंकड़ों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को भी चिंतित कर दिया।

ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी सैयद अहमद खान ने इस मौके पर एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद हैरान करने वाली है, क्योंकि गांवों में आमतौर पर सादा भोजन और अपेक्षाकृत साफ वातावरण होता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है।

सैयद अहमद खान ने कहा कि गांवों में शुगर के मरीजों की बढ़ती संख्या राजस्थान सरकार के लिए एक गंभीर शोध का विषय है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान दिया जाए और यह पता लगाने के लिए व्यापक अध्ययन कराया जाए कि आखिर ग्रामीण क्षेत्रों में डायबिटीज के मामलों में इतनी तेजी से वृद्धि क्यों हो रही है।

उन्होंने आगे बताया कि ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस देशभर में लगातार मुफ्त यूनानी मेडिकल कैंप आयोजित करती रहती है। इन कैंपों का उद्देश्य खासतौर पर डायबिटीज जैसी बीमारियों की समय पर पहचान करना और लोगों को जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अक्सर नियमित जांच नहीं कराते, जिससे कई बीमारियां लंबे समय तक छुपी रहती हैं और बाद में गंभीर रूप ले लेती हैं।

नसीराबाद में आयोजित इस कैंप के दौरान सामने आई स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को उन्होंने बेहद चिंताजनक बताया। उनका कहना था कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।

कैंप के समापन पर आयोजकों ने आम जनता से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। समय-समय पर अपनी जांच कराते रहें ताकि किसी भी बीमारी का समय रहते पता चल सके और उसका उचित इलाज संभव हो सके।

यह यूनानी मेडिकल कैंप न केवल मरीजों के लिए राहत लेकर आया, बल्कि ग्रामीण भारत में बदलती स्वास्थ्य चुनौतियों की ओर भी एक गंभीर संकेत दे गया है, जिस पर सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करने की जरूरत है।