कॉजपा प्रदर्शन का 15वां दिन: वांगचुक की सेहत बिगड़ी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-07-2026
15th day of CJP protest: Wangchuk's health deteriorates
15th day of CJP protest: Wangchuk's health deteriorates

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर अनशन शनिवार को सातवें दिन भी जारी रहने के बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने कहा कि उनका वजन पांच किलोग्राम कम हो गया है और उनकी सेहत तेजी से बिगड़ रही है।
 
संगठन ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग दोहराई।
 
कॉजपा की शुरुआत करने वाले अभिजीत दीपके ने ‘एक्स’ पर कहा कि हर गुजरते दिन के साथ वांगचुक की हालत बिगड़ती जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि प्रधान को पद से अब तक क्यों नहीं हटाया गया।
 
दीपके ने कहा, ‘‘सोनम का वजन पांच किलोग्राम घट गया है और हर गुजरते दिन के साथ उनकी सेहत बिगड़ती जा रही है। धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के लिए प्रधानमंत्री और कितना समय लेंगे?’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के लिए धर्मेंद्र प्रधान इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं कि 20 विद्यार्थियों की मौत के बावजूद वह अब भी उन्हें नहीं हटा रहे?’’
 
दीपके ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि यदि सामाजिक कार्यकर्ता के साथ कुछ भी गलत हुआ तो सरकार जिम्मेदार होगी।
 
दीपके ने एक व्यंग्यात्मक कार्टून भी साझा किया, जिसमें एक व्यक्ति उन कागजों को खाने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है जिन पर ‘‘परीक्षा पत्र’’ लिखा है और दो कॉकरोच उसे रोक रहे हैं। उन्होंने कार्टून साझा करते हुए लिखा, ‘‘धर्मेंद्र प्रधान वापस जाओ।’’
 
वांगचुक ने शुक्रवार देर रात ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर क्षेत्र की मांगों को लेकर केंद्र और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और सरकार से अब शिक्षा में जवाबदेही पर ध्यान देने का आग्रह किया।
 
इससे पहले, लेह शीर्ष निकाय (एलएबी) और कारगिल लोकतांत्रिक गठबंधन (केडीए) के नेताओं ने शुक्रवार को कहा था कि उन्होंने गृह मंत्रालय के साथ पिछली बैठक के विवरण पर मतभेदों को सुलझा लिया है।
 
इस बीच, ‘आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) से जुड़े छह विद्यार्थी भी जंतर-मंतर पर अलग मंच से अपना अनशन जारी रखे हुए हैं।
 
कॉजपा का यह आंदोलन नीट सहित परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में 20 जून को शुरू हुआ था।