तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 134.83 करोड़ रुपये की "कुरुवई स्पेशल पैकेज स्कीम 2026" की घोषणा की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 12-06-2026
Tamil Nadu CM Vijay announces
Tamil Nadu CM Vijay announces "Kuruvai Special Package Scheme 2026", worth Rs 134.83 crore

 

चेन्नई (तमिलनाडु) 
 
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को 'कुरुवई स्पेशल पैकेज स्कीम - 2026' की घोषणा की। इसका मकसद पूरे राज्य में कुरुवई धान की खेती को बढ़ावा देना है। इस योजना की अनुमानित लागत 134.83 करोड़ रुपये है और इससे तमिलनाडु के डेल्टा और नॉन-डेल्टा, दोनों तरह के जिलों को फायदा होगा। तमिलनाडु में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसानों की आजीविका को सहारा देने में धान की खेती अहम भूमिका निभाती है। खासकर कावेरी डेल्टा और नॉन-डेल्टा जिलों में कुरुवई, कार और सोरनावरी मौसम के दौरान की जाने वाली धान की खेती कृषि उत्पादन में बड़ा योगदान देती है।
 
धान की खेती को बढ़ावा देने और उत्पादन व उत्पादकता, दोनों को बढ़ाने के मकसद से सीएम विजय ने 'कुरुवई स्पेशल पैकेज स्कीम' की घोषणा की है। तमिलनाडु में हर साल औसतन 52.72 लाख एकड़ ज़मीन पर धान की खेती होती है। इनमें से मुख्य रूप से तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम और मयिलादुथुराई जिलों में धान की खेती होती है, जो कावेरी डेल्टा क्षेत्र का हिस्सा हैं। इसके अलावा कुड्डालोर, तिरुचिरापल्ली और अरियालुर जिलों के कुछ इलाकों में भी धान उगाया जाता है।
 
डेल्टा जिलों में हर साल लगभग 20.65 लाख एकड़ ज़मीन पर धान की खेती होती है। इसमें से अकेले कुरुवई खेती का हिस्सा औसतन 5.14 लाख एकड़ है। इसके अलावा, राज्य के नॉन-डेल्टा जिलों में हर साल 32.07 लाख एकड़ ज़मीन पर धान की खेती की जाती है। इस बीच, सीएम विजय ने मंगलवार को 'सिंगप्पेन स्पेशल फोर्स' लॉन्च की। यह एक खास पहल है जिसका मकसद महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाना और पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है।
 
एक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उनके दिल के बहुत करीब है और यह तमिलनाडु के हर परिवार की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ़ चुनावी वादा नहीं है। हमने महिलाओं को भरोसा दिलाया था कि हम अपने परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, और पद संभालने के कुछ ही समय के भीतर हमने 'सिंगप्पेन स्पेशल फोर्स' शुरू करके यह अहम कदम उठाया है।"