बस्तर की मुफ़्त आवासीय कोचिंग पहल के 47 छात्रों ने NEET परीक्षा पास की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 22-07-2026
47 students from Bastar's free residential coaching initiative qualify NEET
47 students from Bastar's free residential coaching initiative qualify NEET

 

जगदलपुर (छत्तीसगढ़) 
 
बस्तर ज़िला प्रशासन की ओर से शुरू की गई मुफ़्त रेजिडेंशियल कोचिंग पहल 'ज्ञान गुड़ी' के 47 छात्रों ने NEET परीक्षा पास की है। यह बस्तर के वन क्षेत्र के छात्रों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। बस्तर के कलेक्टर आकाश छिकारा ने छात्रों को उनकी सफलता पर बधाई दी और कहा कि उनके प्रदर्शन ने न केवल उनके माता-पिता बल्कि पूरे ज़िले का नाम रोशन किया है। छिकारा ने कहा, "यह बहुत खुशी की बात है कि बस्तर ज़िले में प्रशासन की पहल 'ज्ञान गुड़ी' में पढ़ने वाले छात्रों में से लगभग 50 ने NEET परीक्षा पास की है और चार ने नर्सिंग परीक्षा पास की है। उनकी काउंसलिंग अगले महीने शुरू होगी और हमें उम्मीद है कि उन्हें अच्छे मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलेगा।"
 
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की NEET परीक्षा पास करने से छात्रों के माता-पिता और बस्तर क्षेत्र का मान बढ़ा है। छिकारा ने यह भी कहा कि प्रशासन इस कोचिंग पहल को NEET और JEE से आगे बढ़ाकर SSC और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं तक ले जाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि वे आगे चलकर बेहतरीन डॉक्टर बनेंगे और हमारे क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। हम अपनी तैयारी को सिर्फ़ NEET और JEE परीक्षाओं से आगे बढ़ाकर SSC, बैंकिंग और अन्य परीक्षाओं तक ले जाने की उम्मीद कर रहे हैं, जिनमें सामान्य ज्ञान, गणित और अंग्रेज़ी जैसे सामान्य विषयों से सवाल पूछे जाते हैं।"
 
'ज्ञान गुड़ी' के इंचार्ज अलेक्जेंडर चेरियन ने बताया कि इस पहल के ज़रिए 379 छात्रों ने NEET के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 240 ने परीक्षा पास की। चेरियन ने कहा, "सभी बच्चों में हुनर ​​होता है; उसे निखारने की ज़रूरत होती है। अब तक 379 छात्रों ने NEET के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें से 240 ने परीक्षा पास की है। कई छात्र हमारे सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे हैं और हमारे 37 छात्र PAT में चुने गए थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ के सभी विश्वविद्यालयों और कृषि विश्वविद्यालयों में दाखिला लिया है।"
 
उन्होंने कहा कि अगर सही मौके दिए जाएं, तो इस क्षेत्र के छात्र भी बड़े शहरों के छात्रों के साथ मुकाबला कर सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं। चेरियन ने आगे कहा, "हमारे लगभग सभी छात्र मेडिकल कॉलेजों में भी शामिल हो गए हैं। अगर बच्चों को मौके दिए जाएं, तो हमारे बच्चे भी बड़े शहरों के बच्चों के साथ मुकाबला कर सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं।" NEET क्वालिफ़ाई करने वाली छात्रा ऐश्वर्या पाणिग्रही ने कहा कि इस पहल से उन्हें अपनी तैयारी के दौरान काफ़ी मदद मिली।
 
उन्होंने कहा, "यह बहुत बड़ी मदद है। मैं एक साल के लिए हैदराबाद भी गई थी और वहाँ की सारी परेशानियाँ देखी थीं। दूसरे राज्य में भाषा की दिक्कत से लेकर यहाँ आने तक, मैंने हर तरह की मुश्किल का सामना किया, और यहाँ मुझे सारी सुविधाएँ मिलीं।"
उन्होंने आगे कहा कि तैयारी के दौरान टीचर काफ़ी मददगार रहे और डाउट क्लियर करने व मोटिवेशन देने के लिए हमेशा उपलब्ध रहे।