नई दिल्ली/फिरोजाबाद:
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के पास स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव की घटना सामने आई है। इस दौरान ट्रेन के एसी फर्स्ट क्लास कोच की खिड़की का शीशा टूट गया। विशेष बात यह है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत भी उसी ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। हालांकि घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई और ट्रेन सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना गुरुवार सुबह लगभग 7:15 बजे उस समय हुई, जब स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस कानपुर से नई दिल्ली की ओर जा रही थी। फिरोजाबाद जिले में दक्षिण थाना और रसूलपुर थाना क्षेत्र की सीमा के पास किसी अज्ञात व्यक्ति ने ट्रेन पर पत्थर फेंक दिया, जिससे एसी फर्स्ट क्लास कोच की खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया।
आगरा जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) एस.के. भगवत ने मीडिया से बातचीत में बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। उन्होंने कहा, "जब स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस इस क्षेत्र से गुजर रही थी और उसमें मोहन भागवत भी यात्रा कर रहे थे, तभी किसी ने पत्थर फेंका, जिससे एसी फर्स्ट क्लास कोच की खिड़की का शीशा टूट गया। सौभाग्य से इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ।"
उन्होंने बताया कि पुलिस उस व्यक्ति की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने के लिए जांच कर रही है जिसने पत्थर फेंका। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
इस बीच, पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय पूछताछ के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
फिरोजाबाद के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) आदित्य लांघ ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा, "लगभग 7:15 बजे सूचना मिली कि ट्रेन पर पत्थर फेंके जाने से एक खिड़की का शीशा टूट गया है। किसी भी यात्री को चोट नहीं आई और ट्रेन सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच गई।"
डीएसपी ने यह भी बताया कि पुलिस ने पूछताछ के लिए एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक जानकारी साझा की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज की जा रही है, जिसके बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जब अधिकारियों से पूछा गया कि क्या मोहन भागवत वास्तव में उसी ट्रेन में मौजूद थे, तो डीएसपी आदित्य लांघ ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह जानकारी सत्य है। उन्होंने कहा कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज सहित सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।