आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने नीतिगत ब्याज दर को 8.75 प्रतिशत पर यथावत रखा है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद वैश्विक अनिश्चितता और जिंस कीमतों पर उसके असर का हवाला देते हुए मुद्रास्फीति बढ़कर 6.8 प्रतिशत पर पहुंचने के बावजूद यह फैसला किया गया।
केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद बुधवार को जारी बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में नए सिरे से बढ़े तनाव के कारण वैश्विक जिंस कीमतों, विशेषकर पेट्रोलियम की कीमतों में वृद्धि हुई है।
बैंक ने कहा, ‘‘इन घटनाक्रमों से वैश्विक आर्थिक संभावनाएं प्रभावित होने की आशंका है और इसके विभिन्न माध्यमों से श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।’’
बयान के अनुसार, जून में मुद्रास्फीति बढ़कर 6.8 प्रतिशत हो गई। घरेलू स्तर पर ऊर्जा एवं खाद्य कीमतों में वृद्धि के कारण निकट भविष्य में इसके पांच प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बने रहने की संभावना है।
बैंक ने कहा कि मुख्य मुद्रास्फीति में भी वृद्धि होने तथा इसके समग्र मुद्रास्फीति लक्ष्य के आसपास बने रहने का अनुमान है।
बयान में कहा गया, ‘‘अप्रैल, 2026 से चालू खाते में घाटा दर्ज किया गया है। इसकी मुख्य वजह ईंधन आयात लागत बढ़ने से व्यापार घाटा बढ़ना और पर्यटन से होने वाली आय में कमी आना है।’’
बैंक ने कहा कि हाल के नीतिगत उपायों के प्रभाव से मोटर वाहन सहित आयात की मांग में आगे चलकर कमी आने की उम्मीद है।