Snakebite declared a notified disease in Maharashtra, making reporting of cases mandatory
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र सरकार ने सर्पदंश (सांप के काटने) को अधिसूचित बीमारी घोषित किया है, जिसके तहत सभी अस्पतालों, चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सर्पदंश के प्रत्येक संदिग्ध या पुष्ट मामले तथा इससे होने वाली हर मौत की सूचना देना अनिवार्य होगा।
यह कदम गढ़चिरौली जिले के जपतालई गांव स्थित राज्य सरकार से सहायता प्राप्त आवासीय विद्यालय में नौ अगस्त को जहरीले सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत और तीन अन्य के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उठाया गया है। इसके बाद सरकार ने विद्यालय का लाइसेंस रद्द कर दिया था।
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर ने मंगलवार को सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इससे सर्पदंश के मामलों की निगरानी मजबूत करने, समय पर उपचार सुनिश्चित करने और विषरोधी दवा की उपलब्धता की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
अधिसूचना के तहत सभी स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सकों को सर्पदंश के मामलों की सूचना संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी या जिला शल्य चिकित्सक को देनी होगी। गंभीर या घातक मामलों की सूचना तत्काल देनी होगी।
सरकार ने कहा कि मामलों का ब्योरा स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के माध्यम से दर्ज किया जाएगा, जिससे राज्य में सर्पदंश के मामलों का विश्वसनीय आंकड़ा तैयार हो सकेगा।
सर्पदंश के मरीजों का उपचार करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को विषरोधी दवा की प्राप्ति, इस्तेमाल और उपलब्ध भंडार का अद्यतन रिकॉर्ड भी रखना होगा। इसका उद्देश्य अधिक सर्पदंश वाले क्षेत्रों में विषरोधी दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है।