'Seva Teerth' reflects the government's commitment to service under the leadership of PM Modi: Shah
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नया प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) 'सेवा तीर्थ' पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
गृह मंत्री ने ‘एक्स’ पर की एक पोस्ट में 'सेवा तीर्थ' नामक नए प्रधानमंत्री कार्यालय के उद्घाटन को भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में जनसेवा को रखने वाला एक ‘ऐतिहासिक दिन’ बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘सेवा तीर्थ पिछले 11 वर्षों में मोदी जी के नेतृत्व में सरकार की सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विकास और कल्याणकारी पहलों को हर नागरिक तक पहुंचाकर, यह एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा।’’
प्रधानमंत्री कार्यालय रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ में स्थानांतरित हो गया, जिससे कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय एक साथ आ गए हैं। पहले ये कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर थे।
अधिकारियों ने बताया कि 2014 से मोदी सरकार ने भारत के औपनिवेशिक अतीत के प्रतीकों से दूर जाने और मानसिकता में बदलाव लाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय को अब 'सेवा तीर्थ' कहा जाएगा, केंद्रीय सचिवालय की इमारतों का नाम बदलकर कर्तव्य भवन कर दिया गया है और राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया है।
इसी भावना के अनुरूप, रेस कोर्स रोड, जहां प्रधानमंत्री का सरकारी आवास है, का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग कर दिया गया है । राजभवन और राजनिवास का नाम बदलकर क्रमशः लोक भवन और लोकनिवास कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया है, ‘‘यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक शासन संरचना में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है तथा आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’