आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
लंदन में 17 वर्षों तक स्वनिर्वासन में रहे तारिक रहमान आम चुनाव में बांग्लादेश के नए चेहरे के रूप में उभरे हैं, क्योंकि उनके पिता द्वारा स्थापित बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने बहुमत हासिल कर 20 साल के अंतराल के बाद सत्ता में वापसी की है।
रहमान (60) की बीएनपी ने 297 में से 209 सीट जीती हैं, जबकि पाकिस्तान के करीबी मानी जाने वाली दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीट प्राप्त हुई हैं।
हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। इस चुनाव में 59.44 प्रतिशत मतदान हुआ।
चुनाव परिणाम बीएनपी के लिए बड़ा उलटफेर वाला रहा। प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवामी लीग सरकार के 15 साल के शासनकाल में बीएनपी को लंबे समय से निशाना बनाया गया। आवामी लीग सरकार अगस्त 2024 में देशभर में विद्यार्थियों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद गिर गई थी।
बीएनपी की स्थापना रहमान के पिता जियाउर रहमान ने की थी, जो एक सैन्य शासक से राजनीतिज्ञ बने थे। राष्ट्रपति जियाउर रहमान की 1981 में हत्या कर दी गयी जिसके बाद लगभग चार दशकों तक पार्टी का नेतृत्व रहमान की मां खालिदा जिया ने किया।
पिछले साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटने पर रहमान का भव्य स्वागत हुआ था, लेकिन उसके पांच दिन बाद ही रहमान को एक व्यक्तिगत त्रासदी का सामना करना पड़ा जब खालिदा जिया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।